गहरी सांस लेने के फायदे

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गहरी सांस लेने और छोड़ने से आपके श्वसन संस्थान पर एक सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इससे फेफड़ों की मांसपेशियां मजबूत होती है। अगर आप खराब दिनचर्या के कारण थकान से परेशान है तो बस गहरी सांस लेना और छोड़ना आपके लिए बहुत ही अच्छा उपाय है। गहरी सांस लेने के फायदे –

अगर आप तनाव से गुजर रहे हैं और योग ध्यान के फायदे को जानते हैं। फिर भी एंटी डिप्रेशन दवाइयों का सहारा लेते हैं तो आप केवल गहरी सांस लेकर और छोड़कर तनाव को कम कर सकते हैं।

खान-पान की समस्याएं दूषित वातावरण शरीर में कई प्रकार के टॉक्सिंस को पैदा करते हैं। केवल गहरी सांस लेकर आप शुद्ध ऑक्सीजन प्राप्त कर सकते हैं। जिससे शरीर के टॉक्सिंस बाहर निकल जाते है गहरी सास को लेने से और छोड़ने से आपको हाइपरटेंशन, थकान, सिरदर्द, घबराहट, नींद ना आने की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।

अगर आप फेफड़ों से संबंधित किसी समस्या से पीड़ित हैं और उन्हें निरोगी बनाना चाहते हैं तो बस एक लंबी और गहरी सांस लें और इसे उसी गहराई से बाहर छोड़ें इसे तीन से चार बार करें इससे आपको निश्चित ही लाभ मिलेगा | अगर आप कोई गंभीर बीमारी से परेशान है तो ध्यान रहे ऐसी सांस लेते और छोड़ते वक्त आपके आसपास कोई व्यक्ति का होना बहुत ही जरूरी है। खुली हवा में किसी एकांत जगह पर सुबह या शाम के वक्त इस उपाय को करने से अधिक फायदा होगा |

गहरी सांस लेने के फायदे

सांस लेने में दिक्कत के कारण

इस समस्या के कई अलग अलग कारण हो सकते हैं और उदर(पेट) रोग के कारण भी सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। अगर आपके मस्तिष्क का मांस पेशियां या शरीर के अन्य हिस्सों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती है, तो उनकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है |

जिसके कारण सांस फूलने की शिकायत हो सकती है। इसके और भी कई कारण हैं, जैसे कि किसी बाहरी वस्तु को सांस द्वारा अंदर लेना या निगलना | 

सिस्टिक फाइब्रोसिस, नाक या मुंह में कोई छोटी वस्तु अटक जाना, एलर्जी, इंफेक्शन, किसी दुर्घटना से वायु मार्गों को आघात पहुंचाना, गले का टॉन्सिल में फोड़ा बनना, वोकल कॉर्ड संबंधी समस्या, श्वसन संबंधी बीमारी जो ऊपरी वायु मार्ग की सूजन का कारण बनती है।

अत्याधिक धुए में सांस लेना, बैक्टीरियल संक्रमण, वायरल इंफेक्शन, अस्थमा, वीआईपी ग्लोटिस में सूजन होना, नली दीवार क्षतिग्रस्त हो जाना, क्रोनिक ब्रोंकाइटिस, सीओपीडी यह समस्या कई लक्षणों से हो सकती है। 

भ्रम, व्याकुलता, साइनोसिस, त्वचा का रंग नीला हो जाना, चक्कर आना, हवा खींचने के लिए हमारे छाती में दर्द होना, भयभीत या सशंकित हो जाना, सांस लेते हुए बहुत तेज आवाज आना, बेहोशी की हालत, थकान, बेहोश होना गर्दन में दर्द होना, छाती में चोट लगना।

साँस लेने में दिक्कत आने के कई सारे कारण हो सकते है, लेकिन अगर आपको यह समस्या होती है तो अपने डॉक्टर को जरूर दिखाए |

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