गुलाब के फायदे

32

खूनी बवासीर में गुलाब के ताजा फूलों को मिश्री के साथ मिलाकर सेवन करने से लाभ मिलता है। गुलाब के फूलों को पीसकर उसमें थोड़ी-सी मलाई मिलाकर इसे होठो पर लेप करें आधा घंटे के बाद धोले कुछ दिनों तक इस उपाय को करने से होंठ फटने की समस्या ठीक हो जाएगी और होठो का रंग भी गुलाब के जैसा बनेगा |

गुलाब के रस की दो-दो बूंदें आंखों में डालने से आंखों के रोग ठीक हो जाते है | गुलाब की पंखुड़ियों को पीसकर उसमें थोड़ासा ग्लिसरीन अच्छी तरह से मिलाकर दिन में तीन-चार बार इसे होठों पर लगाने से होठों का कालापन दूर हो जाता है।

गुलाबी रंग का यह फूल खाने से मसूड़े मजबूत बनते हैं | मसूड़ों से खून आना बंद हो जाता है। डायरियां की समस्या में बहुत ही लाभ मिलता है। थकान को दूर करने के लिए चार चम्मच गुलाबजल में एक बूंद चंदन का तेल मिलाकर इससे शरीर की मालिश करें, इससे आपको बहुत ही लाभ मिलेगा | गुलकंद का सेवन करने से शरीर में ठंडक आ जाती है और लू का प्रकोप शांत हो जाता है।

दिन में दो बार गुलकंद का सेवन करने से कील मुंहासे ठीक हो जाते हैं। गुलाब के फूलों से निकाला गया ताजा रस कानों में डालने से कान का दर्द ठीक हो जाता है। 50 ग्राम गुलाब के फूलों की पंखुड़ियों में मिश्री मिलाकर खाने से और ऊपर से दूध पीने से श्वेत प्रदर रोग में फायदा मिलता है।

भोजन करने के बाद दो चम्मच गुलकंद को रोजाना दो बार खाने से पेट के सभी रोग ठीक हो जाते हैं । चमेली का तेल, नींबू का रस और गुलाब का रस बराबर मात्रा में मिलाकर खुजली पर लगाने से खुजली दूर हो जाती है। चंदन का तेल और गुलाब के रस की बराबर मात्रा में मिलाकर सिर पर लगाएं इससे आपको आराम मिलेगा।

पित्त उछलने पर गुलाबजल को चंदन का पाउडर मिलाकर लेप करने से आराम मिलता है | 10 ग्राम पंखुड़ियों को दो इलायची के साथ चबाकर खाने से सिर दर्द ठीक हो जाता है।

नहाने के पानी में इसका जल मिलाकर स्नान करने से त्वचा के सभी रोग ठीक हो जाते हैं और शारीरिक सौंदर्य बढ़ता है। इसका रस पीने से कब्ज दूर होता है | यह आंतों में छिपे मल को बाहर निकाल देता है। गुलाब की ताजा पंखुड़ियों को चबाने से मुंह का दुर्गंध ठीक हो जाता है। एक गुलाब के फूल को बासी मुंह चबाकर खाने से ह्रदय की अनियमित धड़कन ठीक हो जाती है।

इसकी पंखुड़ियों को पीसकर चेहरे पर लेप लगाएं | 20 मिनट बाद चेहरा पानी से साफ करें। इससे चेहरे की चमक बढ़ जाएगी | अच्छी नींद के लिए पानी में गुलाब जल मिलाकर स्नान करें। रोजाना गुलाब के ताजे फूलों का सेवन करने से शक्ति में वृद्धि होती है। गुलाब के फूल का सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।

गुलाब के फूलों को छाया में अच्छी तरह से सुखाकर बारीक पीसकर चूर्ण बना लें | 5 ग्राम की मात्रा में इस चूर्ण को दिन में दो बार सुबह-शाम दूध के साथ सेवन करें। इससे श्वेत प्रदर की समस्या ठीक हो जाती है।

गुलाब के ताजा फूल और 50 ग्राम मिश्री को पीसकर आधा गिलास पानी में मिलाकर हर रोज सुबह शाम इसका सेवन करें | इस उपाय को करने से भी श्वेत प्रदर या सफेद पानी की समस्या ठीक हो जाती है | गुलाब के फूलों को पीसकर शरीर पर लेप करने से और उसके बाद स्नान करने से बदबूदार पसीना आने की समस्या से छुटकारा मिलता है। गुलाब के फूलों के उपयोग से सभी प्रकार का दर्द ठीक हो जाते है ।

गुलाब का उपयोग क्या है

गुलाब का रस पीने से कब्ज दूर होता है या आंतों में छिपे मल को बाहर निकाल देता है | गुलकंद तथा अमलतास के गूदे को एक-एक चम्मच की मात्रा में सेवन करने से कब्ज की समस्या से राहत मिलती है।

2 बडे चम्मच गुलकंद 4 मनुका और आधा चम्मच सौंफ को एक साथ लेकर एक गिलास पानी में उबालें पानी आधा रहने तक पानी को अच्छे से उबाले रात को सोते समय इस पानी का सेवन करें। इससे पुरानी कब्ज की शिकायत दूर हो जाती है। 

गुलकंद को सनाय की पत्ती के साथ सेवन करने से कब्ज की समस्या से छुटकारा मिलता है | दो चम्मच गुलकंद सुबह-शाम गुनगुने दूध या पानी के साथ सेवन करने से कब्ज पूरी तरह नष्ट हो जाता है। 

इससे पेट और आंतों की गर्मी शांत होती है। गुलाब की पत्ती उससे थोड़ी कम सनाय की पत्ती और सनाय से थोड़ा कम हर्रे को 50 मिलीलीटर पानी में उबाले। 

इस पानी का छोटा एक गिलास रात के समय सेवन करें | इस उपाय को करने से कब्ज की शिकायत दूर हो जाती है। 10 ग्राम गुलाब के फूल, 10 ग्राम सौंफ को ढाई सौ मिलीलीटर पानी में डालकर उबालें |  

एक चौथाई पानी रहने पर इस काढ़े को छानकर पी लें। इससे कब्ज की समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। गुलाब की पंखुड़ी, साग की छाल, हरड़ और सोनामुखी इन सभी चीजों को प्रति 10 ग्राम लेकर 80 ग्राम चीनी में मिलाकर इसका चूर्ण बना लें। 

हर रोज 4 ग्राम चूर्ण को पानी के साथ सेवन करने से कब्ज की समस्या से मुक्ति मिलती है | 10 ग्राम गुलाब की पत्तियां एक चम्मच पिसा हुआ सनाय और दो छोटी हरड़ को लेकर दो कप पानी में डालकर उबालें | 

पानी एक चौथाई बचने पर इस पानी का सेवन करें |  इससे आपका पेट अच्छी तरह साफ हो जाएगा |

आयुर्वेदा का फेसबुक पेज लाइक करना मत भूलना।

और पढ़े –

Leave A Reply

Your email address will not be published.