गूलर के फायदे।

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100 ग्राम गूलर के कच्चे फलों का चूर्ण बनाकर इसमें 100 ग्राम मिश्री मिलाकर रख दे | इसमें से 10 ग्राम चूर्ण को रोजाना दूध के साथ लेने से शरीर को भरपूर ताकत मिलती है। गर्मी के मौसम में गूलर के पके फलों का शर्बत बनाकर पीने से मन प्रसन्न होता है और शरीर में शक्ति की वृद्धि होती है | गूलर के कोमल ताजा पत्तों का रस शहद में मिलाकर पीने से मधुमेह में राहत मिलती है।

इससे पेशाब में शर्करा की मात्रा कम हो जाती है हाथ पैरों की त्वचा फटने पर गूलर के फलों का लेप करने से आराम मिलता है। मुंह में छाले होने पर गूलर के पत्ते या छाल का काढ़ा मुंह में भर कर कुछ देर रखना चाहिए, इससे फायदा होता है | इस की जड़ का काढ़ा बनाकर गर्भवती स्त्री को पिलाने से गर्भपात का खतरा नहीं रहता है |

गूलर के पत्ते या फूलों के दूध की 10-20 बूंदे पानी में मिलाकर पीने से खूनी बवासीर ठीक हो जाता है। गूलर के दूध की 5-6 बूंदे चीनी के साथ बच्चे को देने से बच्चों के आव ठीक हो जाते हैं। शरीर के किसी भी अंग पर गांठ होने की अवस्था में गूलर का दूध उस अंग पर लगाने से लाभ मिलता है। एक चम्मच गूलर के कच्चे फल का चूर्ण शहद और दूध के साथ सेवन करने से पेशाब अधिक मात्रा में आने का रोग दूर हो जाता है।

इस के पके फल को सुबह के समय सेवन करने से पेशाब की जलन में लाभ मिलता है | गूलर की छाल के काढ़े से गरारा करते रहने से दांत और मसूड़ों के सारे रोग दूर होकर दांत मजबूत बनते हैं | गूलर के दूध की 15 बूंदें एक चम्मच पानी के साथ दिन में तीन बार सेवन करने से नाक, मुंह, योनि और गुदा से होने वाला रक्तस्राव बंद हो जाता है | बच्चोंके गाल की सूजन को दूर करने के लिए उनके गाल पर गूलर के दूध का लेप करने से लाभ मिलेगा |

गूलर के दूध की पांच बूंदें पानी में डालकर बच्चों को देने से उनका रिकेट्स यानी कि सूखा रोग ठीक हो जाता है | इस के दूध में बाउची को भिगोकर इसे एक दो चम्मच की मात्रा में इसका घाव पर लेप करें इससे घाव जल्दी ठीक हो जाते हैं | इस के पके फल को छिलके सहित खाकर ऊपर से पानी पिए इससे श्वेत प्रदर ठीक हो जाता है | एक चम्मच गूलर के दूध में दो बतासे को पीसकर मिला लें | रोजाना सुबह-शाम इसे खाकर ऊपर से गर्म दूध दे, इससे मर्दों की कमजोरी दूर होती है और उनकी शक्ति बढ़ती है | इस की छाल के काढ़े से योनि को साफ करने से योनि की बदबू दूर हो जाती है |

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