चंद्रकला रस

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आयुर्वेद के अनुसार मानव शरीर में वात, पित्त, कफ  नाम के तीन दोष होते है। अच्छी सेहत के लिए इन तीनो दोषो का संतुलित रहना बहुत ही जरुरी  होता है। अगर इन तीनो दोषो में कुछ गड़बड़ी आती है तो लोगों को बीमारिया होती है। चंद्रकला रस वात और पित्त दोषों को संतुलित रखने के लिए एक बहुत ही अच्छी औषधी है। यह एक रस कल्प औषधी है। यहा पर आपको एक बात ध्यान में रखनी होगी चंद्रकला रस और  चन्द्रप्रभा वटी दोनों अलग अलग है। सिर्फ नाम से अलग नहीं है यह दवा, चन्द्रप्रभा वटी में हल्की मात्रा में शिलाजीत मौजूद होती है इसके कारन कुछ लोगोंको यह औषधि सूट नहीं करती। लेकिन उन लोगोंको भी चंद्रकला रस अच्छी तरह से सूट करती है।

चंद्रकला रस के गुण –

पित्तनाशक, मूत्रल, सर्दी के मौसम  में असरदार, खून को बहने से रोकने वाली, शरीर की गर्मी को दूर करनेवाली  इस तरह के गुण इसमें मौजूद होते है। पुरुषोंमें धातु बढ़ाने में यह मदत करती है और महिलाओंमे प्रदर को रोकने के गुण होते है। बहुत सारी कंपनिया इस औषधि को बनाती है, लेकिन सबसे अच्छी और ज्यादा गुणोंसे भरपूर गोलिया आपको इस लिंक पे मिलेगी।

सिद्धयोग संग्रह के अनुसार चंद्रकला रस के घटक-

शुद्ध पारा

अभरक भस्म

कुटकी

गिलोय  

वंशलोचन

पित्तपापडा

अनंतमूल

छोटी पीपल

खस

कपूर

प्रत्येकी १० ग्राम की मात्रा में मौजूद होता है,  इसके अलावा शुद्ध गंधक और मोती पिष्टी प्रत्येकी २० ग्राम की मात्रा में होता है।

चंद्रकला रस की पूरी जानकारी और सेवन का तरीका। Chandrakala Ras Benefits, Uses and Ingredients

चंद्रकला रस के फायदे –

वात और पित्त के विकारो में चन्द्रकला रस एक बहुत ही अच्छी औषधी है। अगर कीसी व्यक्ति को बार बार प्यास लगती है, गला सुख  जाता है, बहुत ज्यादा पसीना आता है ऐसे समय में आप चन्द्रकला रस का उपयोग कर सकते है। कुछ लोगों के शरीर में बहुत ज्यादा गर्मी  होती है। गर्मी के वजह से उनके हाथ और पैरों में जलन होने लगती है, गर्मी के दिनों में तो उन्हें बहुत ही तकलीफ होती है। ऐसे लोगों के लिए  चन्द्रकला रस एक बहुत ही अच्छी और गुणकारी औषधी है,आप इसका सेवन कर सकते।

चंद्रकला रस शरीर की गर्मी को बाहर निकालने का काम करती है। किसी के नाक से खून आना, लड़कीओंमे पीरियड्स के समय ज्यादा खून शरीर से बाहर निकल जाना इस तरह की समस्या पर चंद्रकला रस बेहद गुणकारी साबित हो सकती है। सीधी भाषा में बोले तो शरीर की गर्मी बढ़ने पर होने वाली हर समस्या को यह औषधि दूर कर देगी।

पेशाब में जलन

कुछ लोगों को पेशाब में जलन होती है  जिसकी वजह से उन्हें urinary track इन्फेक्शन की समस्या निर्माण होती है।  गर्मी के मौसम में ये समस्या ज्यादा होती है। ऐसे वक्त में आप चंद्रकला रस का उपयोग कर सकते है लेकिन इसको उपयोग करने का तरीका थोड़ा अलग है। इसे आपको  चंदनासव के साथ लेना है। चंदनासव एक पतली दवा है जो आयुर्वेदिक औषघी होती है। चंदनासव के २-३ चमच को एक गिलास पानी में मिलाकर उस पानी के साथ आप चंद्रकला रस की गोली का सेवन कर सकते है।  कुछ दिनों तक इसका सेवन करने से आपकी समस्या ठीक हो जाएगी।

कुछ महिओं को रक्त प्रदर याने की पीरियडस में हैवी ब्लीडिंग  होने की समस्या होती है ऐसे समय में चंद्रकला रस का सेवन करने  से आपकी समस्या ठीक हो जाएगी। लेकिन इसका इस्तमाल आपको १-२ महीने तक करना होगा। लेकिन यहां पर भी इसको लेने का तरीका थोडासा बदलना होगा, अगर आप अनार के रस के साथ इसको लेती है तो बेहद गुणकारी रहेगा। अगर आप संतरे का जूस लेती है तो भी अच्छा होगा इसके साथ लेना। अगर आप जूस नहीं पीती लेकिन शरबत पीती है तो ब्राम्ही का शरबत और शंखपुष्पी का शरबत के साथ ले सकती है|

लड़कियों को इर्रेगुलर पीरियड्स

कुछ लड़कियों को इर्रेगुलर पीरियड्स आने की समस्या होती है जो की हार्मोनल बदलाव के कारण हो सकती सकती  है, अगर आपको पीरियड्स रेगुलर लाने है तो आप चंद्रकला रस का उपयोग कर सकती है। लेकिन इसके लिए एक खास तरीका है, त्रिफला चूर्ण आपको पता होगा उसको बाजार से खरीद के लाना है और उसकी चाय बनाकर आपको उसके साथ इस औषधि को ४० दिन लेना है। तो आपकी पीरियड्स ठीक से आने लगेंगे। अगर बाजार से आपको समज नहीं आ रहा है की कोनसी त्रिफला चूर्ण ले तो इस लिंक से आप त्रिफला चूर्ण को खरीद सकते है।

पुरुषों को धातु रोग की समस्या

कुछ पुरुषों को धातु रोग की समस्या होती है, जिसकी वजह से  कई पुरुष तकलीफ में होते है, ऐसे पुरुष चंद्रकला रस का सेवन कर सकते है। उन्हें  इससे जरूर फायदा होगा। टीबी होने के बाद आपके मुँह से खून आता है, तो खून को रोकने के लिए आप इस गोली का इस्तेमाल कर सकते हो। लेकिन आपको अपने डॉक्टर से बात करनी होगी। ज्यादा शराब पिने वाले लोगोंके शरीर का तापमान हमेशा गर्म रहता है, उन्हें इस गोली को खाना चाहिए। कुछ लोगोंका काम आग के नजदीक होता है उन्हें भी इसका प्रयोग करना चाहिए। अगर किसी मरीज ने विष प्राशन किया है, तो शरीर से विष निकलने के बाद भी कुछ दिनों तक शरीर का तापमान ज्यादा रहता है। उस समय आपको इसका सेवन जरूर करना चाहिए।

अब बात करते है, कब कब इस गोलिका सेवन करना है उसके बारे में, सुबह नाश्ता करने के बाद आपको एक गोली लेनी है। उसके बाद आपको ध्यान रखना है की, पहली गोली और दूसरी गोली में ८ घंटे का समय होना चाहिए। यानि की आप को दूसरी गोली रात का डिनर होने के बाद लेनी है। रात के समय गोली खाना हो तो जूस और शरबत का इस्तेमाल नहीं करना, उसके बदले दूध के साथ लेना होगा। अगर आपकी समस्या छोटीसी है, शरीर में ज्यादा गर्मी नहीं है तो आप सिर्फ सुबह की गोली लेना।

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