टीकाकरण

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किसी बीमारी के विरुद्ध प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के लिए जो दवा खिलाई पिलाई या किसी अन्य रूप में दी जाती है उसे क्या कहते हैं? यह क्रिया टीकाकरण कहलाती है। संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए टीकाकरण सर्वाधिक प्रभावी एवं सबसे सस्ता विधि माना जाता है।

टीका एंटीजन पदार्थ होते हैं | टीके के रूप में दी जाने वाली दवाइयां, रोग कारक जीवाणु या विषाणु की जीवित की मात्रा होती है, या फिर इनको मार कर या प्रभावी करके दिया जाता है । टिका मानव शरीर में एंटीबॉडी का निर्माण करते हैं | यहां मानव शरीर को बीमारी से लड़ने के काबिल बनाते हैं। बिना इसे इफेक्ट की टिका लगा हुआ व्यक्ति उस खास बीमारी के संपर्क में आता है तो उसका सिस्टम इसे पहचान लेता है और एंटीबॉडी रिलीज करता है इस बीमारी से खत्म कर देता हैं।

जब किसी खास रोग से बचाव का टीका शरीर में प्रवेश करता है, तो शरीर को आभास होता है कि वास्तव में इस बीमारी के वायरस ने हमला किया है |और इस तरह शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र एंटीबॉडीज का निर्माण करता है |और जब हम भविष्य में इस बीमारी का वास्तविक हमला होता है, तो शरीर में इसके एंटीबॉडीज पहले से ही होते हैं |

टीका तैयार करने के लिए सबसे पहले एक ऐसा ऑर्गेनेज्म तैयार करना पड़ता है जो एक खास बीमारी पैदा करता है। इसे पैरोजन कहते हैं | इसमैं एक वही रासायनिक बैक्टीरिया होता है | वायरस और बैक्टीरिया लेबोरेटरी में बड़े बड़े पैमान पर पैदा हो सकते हैं। इसके बाद पूजन में कुछ बदलाव किए जाते हैं, ताकि यह पक्का हो सके कि हम स्वयं कोई बीमारी पैदा नहीं करेगा। इसके बाद पूजन को अन्य टीके की जांच के साथ मिला। जाता है जैसे स्टेबलाइजर प्रिजर्वेटिव और इस तरह से तैयार होता है।

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