तिल का तेल जानकारी और फायदे।

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आजकल बाजार में कई प्रकार के तेल मौजूद है तिल का तेल, सरसो का तेल, सोया तेल, पाम तेल इ। जब भी हम मार्केट जाते है, तो तेल खरीदने में काफी कंफ्यूज हो जाते है। हमे ठीक से पता नहीं चलता की कोनसा तेल अच्छा है और कोनसा बुरा। अगर आप दुकानदार से पूछोगे तो वो आपको वही तेल थमा देगा जिसमे उसका फायदा ज्यादा हो। ज्यादातर लोग जो सस्ता तेल हो उसे लेकर आते है।

लेकिन हम इस बात को ज्यादा नहीं सोचते की क्या यह तेल खाने में सही है भी या नहीं? उसे खाने से क्या फायदे होंगे और क्या नुकसान होंगे।

तो आज हम तिल तेल के बारे में जानेंगे। यह तेल खाने में भी अच्छा है और शरीर पे लगाने के लिए भी अच्छा है। बाजार में मिलने वाले कई तेल हमारे हृदय पर बुरा असर डालते है। ऐसे तेल का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगता है। लगातार ऐसे तेल का सेवन करने से आगे जाके हम दिल की बीमारियोंके शिकार बन जाते है।

इस तेल को आप खा भी सकते हो और लगा भी सकते हो।

तिल का तेल हृदय के लिए काफी फायदेमंद होता है। यह हृदय प्रणाली को संतुलित और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम रखने का काम करते है।

शरीर में मौजूद ख़राब कोलेस्ट्रॉल को कम करने का काम यह करता है। ख़राब कोलेस्ट्रॉल कम होने से धमनियोंका सख्त पणा कम हो जाता है और वो ज्यादा लचीली बनती है। ऐसा होने से आगे जाके आप दिल की बीमारी से दूर रहते है। 

वैसे तो तेल खाने से हमारा वजन बढ़ने लगता है, लेकिन तिल तेल में मौजूद Poly Unsaturated फैटी एसिड वजन घटाने का काम करते है। तिल तेल को मुँह में चारो और लगाने से मसूडोंकी सूजन को कम करने में मदद मिलती है। सुबह ब्रश करने से पहले १० मिनट तक दातोंको तिल तेल से रगड़े। इससे सूजन कम हो जाएगी। 

तिल के तेल में लोहे की अच्छी मात्रा मौजूद होती है। इसके लिए ऐनीमिया के मरीजोंको इसका सेवन जरूर करना चाहिए। मधुमेह से परेशान लोग भी इसका सेवन कर सकते है। तिल के बीज मैग्नीशियम का बहुत अच्छा स्त्रोत है। इसमें और भी पोषक तत्व मौजूद होते है, जो रक्त में ग्लूकोज के स्तर को कम करने का काम करते है। 

भोजन में तिल का तेल

भोजन में तिल तेल का इस्तेमाल करने से हमे ब्लड प्रेशर की समस्या नहीं होती। Serotonin एक न्यूरो ट्रांसमीटर है, जो हमारी मनोदशा को प्रभावित करते है। इसके असंतुलन से अवसाद और तनाव हो सकता है। तिल तेल Serotonin के उत्पादन में मदद करता है, जिससे हमारा तनाव कम होता है। हमारी सोच सकारात्मक बन जाती है। 

छोटे बच्चो को मालिश करना उनके सेहद के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। इसके लिए आप तिल के तेल से उनके शरीर की मालिश कर सकते है। ऐसा करने से बच्चे के शारीरिक विकास में मदद होगी। तिल तेल हमे कैंसर की बीमारी से भी दूर रखता है। 

तिल तेल लिवर के लिए एक प्राकृतिक टॉनिक के रूप में कार्य करता है। जो रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने का काम करता है और हमारे आखोंको पोषण देता है। आखोंके निचे के डार्क सर्कल को कम करने लिए तिल का तेल लाभकारी है। रात को सोते समय इस तेल को आखोंके निचे लगालो और धीरे धीरे मालिश करे। फिर सुबह चेहरे को गुनगुने पानी से साफ करे। 

चेहरे की झुर्रिया को मिटने के लिए आप इस तेल को चेहरे पे लगा सकते हो। इससे आपकी झुर्रिया कम हो जाएँगी। 

तिल तेल बालोंके लिए बहुत ही फायदेमंद है। यह बालोंको प्राकृतिक रूप से काला, घना और लम्बा बनाता है| इस तेल से बालोंकी मालिश करने से बाल मजबूत बन जाते है। 

घुटनोका दर्द और जोडोंके दर्द में तिल का तेल बहुत ही लाभकारी है। तिल तेल वातशामक होता है, यह वात दोषोंको रोकने का काम करता है। इसके तेल को गर्म करके इससे शरीर की मालिश करे, ऐसा करने से हमारी हड्डिया मजबूत बन जाती है। 

तिल के तेल में विटामिन डी, इ, नियासिन और मैंगनीज जैसे पोषकतत्व अच्छी मात्रा में मौजूद होते है। साथ ही इसमें एंटी बैक्टीरियल और एंटी इन्फ्लैमटॉरी गुण मौजूद होते है। इसके आलावा यह तेल एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। यह सभी पोषकतत्व त्वचा को पोषण देने का काम करते है। 

इस प्रकार आप भोजन के रूप में, त्वचा पर, बालोंपर तिल के तेल का उपयोग कर सकते है।

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