प्रेगनेंसी में खतरे की घंटी

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अगर गर्भावस्था में भारी रक्त स्राव, अधिक पेट दर्द और पहली तिमाही में बेहोशी आ रही है, तो यह एक्टॉपिक प्रेगनेंसी का लक्षण हो सकता है। एक्टोपिक प्रेगनेंसी में स्त्री का अंडा गर्भाशय में पनपने के बजाय कहीं और बढ़ने लगता है। यह गर्भवती की जान के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

पहली और दूसरी तिमाही में भारी रक्तस्राव और मांसपेशियों की जकड़न बच्चा गिरने का लक्षण हो सकता है। तीसरी तिमाही में होने वाला रक्तस्राव प्लासेंटा के फटने का भी संकेत हो सकता है। ऐसा तब होता है जब गर्भनाल गर्भाशय से अलग होने पर टूट जाती है।

गर्भवती महिला को अगर लगातार उल्टी चक्कर आते हैं तो इससे बच्चे का पोषण नहीं होता है और बच्चा विकलांग पैदा हो सकता है। अगर पेट में बच्चे का पैर मारना कम हो जाता है। बच्चे की हलचल कम हो जाती है तो यह बहुत चिंता की बात हो सकती है।

डिलीवरी की तारीख से पहले अगर पानी छूट जाता है तो इससे फ्री में चूर शिशु होने का संकेत हो सकता है। तीसरी तिमाही में लगातार सिर दर्द, पेट दर्द, धुंधला दिखाई देना । सूजन होना यह प्रमुख खतरे हो सकते हैं | यह गर्भावस्था में होने वाली सबसे भयानक बीमारी है। इस कारण गर्भवती की मौत भी हो सकती है। गर्भवती महिला की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण वह जुखाम खासी और अन्य संक्रमण जल्दी पकड़ लेती है। ऐसे में संक्रमण से बचने के लिए विशेष ख्याल रखें।

प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली उल्टी को कम करने के उपाय

गर्भावस्था में रोज सुबह खाली पेट और दिन में दो-तीन बार आंवला मुरब्बे का सेवन करने से उल्टी होना कम हो जाएगा। 

एक नींबू को काटकर दो टुकड़े कर लें दोनों भागों पर काली मिर्च का चूर्ण और थोड़ा नमक लगाकर आग पर गर्म करके इसमें मुंह का रस से आपको लाभ होगा | 

अनार के दानों का रस थोड़ा-थोड़ा करके चूसने से भी उल्टी होना बंद हो जाती है | गर्मी का मौसम है और किसी महिला को उल्टी है कि समस्या हो रही है तो उन दिनों में बर्फ के पानी का सेवन करने से आपको लाभ होगा |  

संतरे मौसमी और पके आम का रस पीने से भी आप को उल्टी की समस्या में आराम मिलेगा। इसके अलावा नारियल पानी ज्यादा से ज्यादा सेवन करने से बच्चे को पोषक तत्व अच्छी तरह से मिल जाते हैं और उल्टी भी कम हो जाती है 

गर्भवती स्त्री के पेट पर पानी की पट्टी रखने से भी उल्टी में आराम मिलता है | गुलकंद और शक्कर को बराबर मात्रा में मिलाकर दिन में तीन बार सेवन करने से भी आराम मिलता है।

प्रेगनेंसी में क्या नहीं खाना चाहिए

अगर आप कच्छी मछलियां मांस खाते हैं, तो इस बात से जरा दूर रहे | इससे बच्चे को बैक्टीरियल पैरासाइटिक इंफेक्शन होने का खतरा रहता है | इसलिए इसका सेवन संभालकर करें | 

गर्भधारण करने के बाद आप जो भी ग्रहण करती है, उसका आपके बच्चे पर असर पड़ता है | बच्चे को आप से ही ऑक्सीजन या पोषक तत्व मिलते हैं | 

धूम्रपान से तो आप दूर ही रहे, क्योंकि इससे आपके बच्चे को कम ऑक्सीजन मिलने का खतरा रहता है | जिससे बाद में जाकर आपको गर्भपात हो सकता है या अन्य समस्या हो सकती है | 

शराब पीने से आपके बच्चे को कई विकार हो सकते हैं, जिसमें दिल, दृष्टि या वजन से जुड़ी भी समस्या हो सकती है | अगर आप बहुत ही ज्यादा मात्रा में कैफीन का सेवन करते हैं, तो भी यह आपकी सेहत और बच्चे के लिए हानिकारक है | 

कोई भी दवा लेने से पहले फिर चाहे हो एलोपैथिक, आयुर्वेदिक या होम्योपैथिक हो, बिना डॉक्टर की सलाह इसका सेवन बिल्कुल भी ना करें | अगर आप प्रेगनेंसी में एक्सरसाइज करना चाहते हैं, तो इसे धीरे-धीरे करके शुरू करें इससे ज्यादा मात्रा में बिल्कुल ना करें |

प्रेगनेंसी में नींद आने के उपाय

रोज रात को सोने का और सुबह जागने का समय पहले सुनिश्चित करें | रात को जितना जल्दी हो सके उतना जल्दी सोने की कोशिश करें |  

सोने से 3 घंटे पहले खाना खाए | सोने से पहले किसी भी तरह का व्यायाम बिल्कुल ना करें | सोने से पहले कोई अच्छी किताब पढ़े इससे आपको बहुत ही अच्छी नींद आएगी |  

रोज रात को सोने से पहले एक गिलास दूध में ड्राई फ्रूट मिलाकर इसका सेवन करें या फिर आप हर्बल चाय भी पी सकते हैं |  

किसी भी तरह का नशा बिल्कुल ना करें | चाय और कॉफी से भी दूर रहे | यदि आपके पैरों में ऐंठन की वजह से आपकी नींद खुलती है तो पैर दबाने से भी इस में लाभ मिलता है |  

रात को सोते वक्त नारियल का तेल या बादाम का तेल गर्म करके इससे पैरों के तलवों की मालिश करें | इससे आपको बहुत ही अच्छी नींद आएगी |  

सोने से पहले कम मात्रा में पानी का सेवन करें | ज्यादा पानी पीने से आपको बार-बार पेशाब आएगी और आपकी नींद खुलेगी |  

योगा करने से भी आपकी थकावट दूर हो जाएगी और आपको बहुत अच्छी नींद आएगी | मन को शांत रखने के लिए आप ध्यान भी कर सकते हैं | 

अध्यात्मिक किताबें पड़े इससे आपको बहुत अच्छी नींद आएगी | रात को सोते समय एक गिलास गर्म दूध में एक चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर इस दूध को अच्छे से उबालें और इस दूध का सेवन करें |  

हल्दी वाला दूध सेवन करने से आपको अच्छी नींद आएगी | रात को सोने से दो-तीन घंटा पहले मोबाइल बंद करें |  रात को सोने से पहले टेलीविज़न या मोबाइल बिल्कुल ना देखें |  

रात को सोने से पहले कोई भी अच्छी या अपने मन पसंदीदा किताब जरूर पढ़े इससे आपको अच्छी नींद आने में सहायता मिलेगी | 

प्रेगनेंसी के दौरान नींद की गोलियों का सेवन करना मां और बच्चे के सेहत के लिए हानिकारक होता है, इसलिए इस दौरान नींद की गोली का सेवन बिल्कुल भी ना करें | अगर आपको रात में सोने में मुश्किल आती है तो दिन में सोना बंद करें |

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