भजन के बारे में जानकारी और आरोग्य से उसका संबंध

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दोस्तों कैसे हो आप, आपने सही पढ़ा आज हम बात करेंगे भजन सुननेसे हमारे शरीर पे होने वाले बदलाव के बारे में। सबसे पहले हमे जानना होगा की भजन और अन्य म्यूजिक में क्या अंतर होता है उसके बारे में। अन्य संगीत जैसे की बॉलीवुड, पॉप, बीट-बॉक्स और शास्त्रीय इसमें हर वाद्य का इस्तेमाल मनुष्य के मनोरंजन के लिए किया जाता है। और दूसरी तरफ आता है भजन जो हम मन की शांति और भगवान के प्रति अपनी भक्ति को प्रकट करने के लिए सुनते है।

भजन की व्याख्या क्या है?

भारतीय संगीत की बात करे तो इसके तीन प्रमुख प्रकार होते है, शास्त्रीय संगीत, सुगम संगीत और लोक संगीत। भजन का समावेश सुगम संगीत में किया जाता है। ” संगीत के माध्यम से मन को शांति देते हुए भगवान की पूजा करना इसे भजन कहते है “। इसे मूल रूप से मंदिरो में गया जाता है, लेकिन कला का एक प्रकार होने के कारन यह मंच पे भी सादर किया जाता है।   

कुछ लोग भजन को भगवान को पाने के लिए की गई सेवा कहते है। लेकिन मेरा ऐसा मानना है की, जो ऋषि मुनि १२ – १२ साल से बिना किसी संगीत के जिस भगवान को पाने की कोशिश करते रहे और कुछ ही प्रतिशत ऋषिओंको उसमे सफलता हासिल हुयी तो हम कैसे साधारण प्राणी चंद मिंटो के भजन से कैसे भगवान को पा सकते है। लेकिन चलो, हर किसी का अपना अपना मत होता है।  

प्रमुख वाद्य

संगीत का निर्माण करने के लिए वाद्य होना जरूरी है। वाद्य के प्रमुख तीन प्रकार होते है

१) वायु वाद्य – बासुरी, विणा, शहनाई इ

२) ताल वाद्य – तबला, ढोलक, घंटी, पखवाज इ

३) तंतु वाद्य – गिटार, सितार, सारंगी, सुरबहार इ

यहा पर हर प्रकार के आपको बहुत सारे उदाहरण मिल जायेंगे। भजन का संगीत निर्माण करने के लिए इन तीनो प्रकार के वाद्योंका इस्तेमाल किया जाता है।

भजन की पंक्तिया हर भाषा में अलग अलग होती है। उन पक्तियोंको संगीत के साथ मिलाकर इसे निर्माण किया जाता है। भारतवर्ष में ऐसे भजन गाने वाले बहुत से भक्तोंको आज भी लोग याद करते है। चलो आपको कुछ नाम भी बता देती हूँ जैसे की, मिलिंद चीतल, हेमंत चौहान, कस चित्रा, साधना सरगम, शर्मा बंधू इ। किसी भी भजन की शुरुवात धीमे धीमे होती है और बाद में वो कुछ अलग ही अंदाज में मदहोश करने लगती है।

भजन सुनने के फायदे

दोस्तों, आपने मेरा संगीत सुनने के फायदे इस आर्टिकल को पढ़ा होगा तो आपको मेरी बाते अच्छी तरह से समज आएँगी। अगर नहीं पढ़ा तो पढ़ लेना जरूर। इसे सुनने के बहुत सारे फायदे है

१) मंदिर में गाया जानेसे आपको भगवान का दर्शन हो जाता है।

२) मन को पूरी तरह से शांति मिल जाती है।

३) जोर जोर से भजन गाने से आपका उत्तेजित हो जाते हो।

४) मिलजुलकर पंक्तिया गाने से आपको टीम वर्क का अनुभव आता है

५) अलग अलग वाद्योंकी जानकारी होती है।

६) भगवान के बारे में जानकारी मिल जाती है।

७) मन की पूरी थकान दूर हो जाती है।

८) आपके विचारोंमें सुधार आता है।

९) हिन्दू धर्म की गहरायी पता चलती है।

१०) आपके शब्दोंका भांडार बढ़ जाता है।

बॉलीवुड में भजन का प्रयोग

भजन का इस्तेमाल बॉलीवुड में भी किया गया है। कुछ फिल्मो में आपको बेहद सुन्दर भजन दिखाई गया है, वही कुछ फिल्मो में भजन के नाम पे संगीत में मसाला भर भर के लोगोंको दिखाई गया है। इससे लोग प्रसन्न होंगे भगवान नहीं हो सकते। चलो उस को भी हम गलत ना कहते हुए मनोरंजन का एक भाग समझके छोड़ देते है। बोलीवूड के कुछ बेहद सुंदर ऐसे भजन है जिनका जिर्क में जरूर करना चाहूंगी।

१) ए मालिक तेरे बन्दे हम

२) बृंदाबन का कृष्णा कन्हैया

३) कितना बदल गया इंसान देख तेरे संसार की हालत

नुकसान

हर चीज के अच्छे और बुरे परिणाम होते है, वैसे ही हद से ज्यादा भजन सुनने से नुकसान भी हो सकते है। एक बार स्वामी विवेकानंद जी को किसी ने पूछा की विष क्या होता है? स्वामी ने बहुत ही अच्छा जवाब दिया – ” हद से ज्यादा की जानी वाली हर चीज विष है “। तो जानते है भजन के नुकसान।

१) ज्यादा जोर से चिल्लाके गाने से गला ख़राब हो सकता है।

२) हर दिन घंटो सिर्फ भजन सुननेसे आपका मन ग्रहस्ती से उठ सकता है।

३) भगवान को पाने के चक्कर में सन्यासी बन सकते हो।

४) मन की शांति आने पर अपने काम में तेजी आनी चाहिए वरना इसका उपयोग आपके जीवन में नहीं है।

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