100 भारतीय मसाले, उनके नाम, फोटो और कुछ वीडियो के साथ पूरी जानकारी जानिए ।

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हैलो फ्रैंड्स मेरा नाम डॉ कल्याणी है और आज मैं आपको मसालों के बारे में जानकारी देने जा रही हूँ | मसाले जो हमारे शरीर के लिए बहुत लाभदायक होते हैं।

दोस्तों, मसाले न सिर्फ हमारे खाने का स्वाद बढ़ाते हैं बल्कि हमारे स्वास्थ्य पर भी विशेष प्रभाव डालते हैं। आज हम आपको मसालों के फायदे के बारे में बता रहे हैं।

गरम मसाला

गरम मसाला भारतीय व्यंजनों में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाने वाला एक मसाला है। गरम मसाला के लिए मसाले आमतौर पर अधिक स्वाद और सुगंध लाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। मसाला शब्द का अर्थ है “मसाले,” और गरम का अर्थ है “गर्म” | आपको गरम मसाला पेस्ट के लिए पैकेट के लेबल को जांचना होगा कि इसमें क्या शामिल है।

गरम मसाला के मुख्य घटक

  • धनिया
  • जीरा
  • इलायची
  • लौंग
  • काली मिर्च
  • दालचीनी
  • जायफल

इसके साथ साथ हल्दी, केसर, सौंफ, अदरक, लहसुन, सरसों के बीज, गदा, स्टार ऐनीज़, इमली, मेथी, बे पत्ती, मालाबार के पत्ते, या सूखे लाल मिर्च का भी जरूरत के अनुसार गरम इस्तेमाल किया जाता है |

१ ) अजवाइन
हमारे मसालों की सूची में सबसे पहला अजवाइन आता है | अजवाइन पेट में मरोड़ ठीक करता है, पेट के कीड़ों को नष्ट करता है और सर्दी जुकाम में भी बहुत आराम देता है।

२) हल्दी
हल्दी में विटामिन ए पाया जाता है शरीर में किसी भी प्रकार का दर्द चोट घाव खून की कमी आदि में हल्दी बहुत लाभकारी होती है। हल्दी के फायदे ।

३) जीरा
जीरा खाना पचाने में सहायक होता है। गैस बनने से रोकता है और खाने के स्वाद को भी बढ़ाता है।

४) राई
राई से पेट के कीड़े नष्ट होते हैं | गैस नहीं बनने देती व पाचन में सहायक होती हैं, जो कि हम तड़के के रूप में इस्तेमाल करते हैं।

५ ) हरा धनिया
धनिया एसिडिटी, पेट की गर्मी, पेशाब में जलन, शरीर की जलन आदि में लाभप्रद होता है और साथ साथ हीमोग्लोबिन को बड़ी तेजी से बढ़ाता है।

६) लौंग
लौंग मुंह की बदबू को दूर करता है। अगर सफर में आपको उल्टी महसूस होती है तो एक लोंग मुंह में रखने से आपको बहुत आराम मिलता है।

७) इलायची
ज्यादा मात्रा में खाना खा लेने पर इलायची खाने से बेचैनी को कम करती है और अगर आप उल्टी महसूस करते हैं तो इलायची बहोत लाभप्रद होता है।

८) काली मिर्च
मलेरिया, बुखार में इसके सेवन से आराम मिलता है। इसका सेवन आखों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

९) हींग
हींग में कैल्शियम फास्फोरस आयरन काफी मात्रा में पाई जाती है और हींग पित्त प्रधान होती है। इसकी तासीर गर्म होती है।

१०) मेथी
यह बालों के लिए अच्छी होती है | मेथी खून की कमी को दूर करती है। विटामिन ए कैल्शियम आयरन से भरपूर होती है।

११) अदरक
अदरक एक फूल वाला पौधा है जिसका प्रकंद, अदरक की जड़ या अदरक, व्यापक रूप से मसाले और लोक चिकित्सा के रूप में उपयोग किया जाता है। भारत में अदरक की चाय काफी पसंद की जाती है |

१२) काली मिर्च पाउडर
काली मिर्च पाउडर, विभिन्न प्रकार के व्यंजनों में मुख्य मसाला के लिए एक वैकल्पिक नाम है । अपने खाना पकाने में काली मिर्च का उपयोग करने से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं, क्योंकि इसमें आवश्यक पोषक तत्व होते हैं जो आपके ऊतकों को कार्य करने की आवश्यकता होती है, और इसमें फाइटोन्यूट्रिएंट्स भी होते हैं जो रोग से लड़ते हैं।

१३) दालचीनी
दालचीनी त्वचा, बाल और स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं का इलाज कर सकती है। इसके एंटी-माइक्रोबियल गुण आपकी त्वचा को शुद्ध करते हैं, जबकि इसके एंटी-बायोटिक प्रभाव त्वचा को जलन, चकत्ते, एलर्जी, और संक्रमण से बचाते हैं।

१४) जायफल
यह एक जमीन से मिलने वाला मसाला है | इसके फल से दो तरह के मसाले मिलते है | जायफल मुँह की बदबू दूर करने का काम करता है | यह ह्रदय के लिए टॉनिक की तरह काम करता है |

१५) तुलसी बीज
इससे आपकी रोगप्रतिकार शक्ति बढ़ने में मदद मिलती है | इसके नियमित सेवन से पाचन शक्ति बढ़ने में मदद मिलती है | इससे खासी जुकाम में राहत मिलती है |

१६) ऑलस्पाइस (सर्वसुकांती)
इसका मसालोमे काफी इस्तेमाल होता आ रहा है | यह मसाला सब्जियोमे से आने वाले अजीबोगरीब गंध को हटाने का काम करते है | इसमें एंटी बैक्टीरियल गुण मौजूद होते है |

१७) सौंफ
पीरियड्स अनियमित होने पर सौंफ का सेवन शुरू कीजिये, इससे पीरियड्स नियमित आने लगेंगे | खाली पेट सौंफ खाने से खून साफ होता है |

१८) तेजपत्ता
चाय में तेजपत्ते डालके पिने से कब्ज की समस्या से छुटकारा मिलता है | तेजपत्ते के तेल की दो बुँदे पानी में डालकर पिने से नींद अच्छी आती है |

१९) तुलसी
यौन रोगोंके इलाज करने के लिए तुलसी बेहद फायदेमंद है | सर्दी में तुलसी का काढा पिने से लाभ मिलता है | सांस की दुर्गन्धि दूर करने के लिए तुलसी कारगर साबित होता है |

२०) मालाबार इमली
यह फल एक छोटे कद्दू की तरह दिखता है और हरे रंग में हल्का पीला होता है | इसे चितकबरा बेर भी कहते है |

२१) कलौंजी (काला जीरा)
काला जीरा कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने का काम करता है | काला जीरा का नियमित सेवन करने से वजन घटाने में भी मदद होती है |

२२) सेलेरी
अजवाइन परिवार में एक दलदली पौधा है जिसे प्राचीन काल से सब्जी के रूप में उगाया जाता है। अजवाइन की पत्तियों में लंबा रेशेदार डंठल होता है। स्थान और कल्टीवेटर के आधार पर, इसके डंठल, पत्ते या हाइपोकोटिल को खाना पकाने में उपयोग किया जाता है।

२३) पुदीना
मुँहसे बदबू आने पर पुदीना की कुछ पत्तिया चबाने से बदबू दूर होती है | गर्मी में लू से बचने के लिए पुदीना का इस्तेमाल कर सकते है |

२४) करी पत्ता
इसमें आपको आयरन और फोलिक एसिड की अच्छी मात्रा मिलेगी | ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए करी पत्ता का उपयोग किया जाता है |

२५) सोआ
डिल अजवाइन परिवार में मिलने वाली एक जड़ी बूटी है। सोआ को यूरेशिया में व्यापक रूप से उगाया जाता है जहां इसके पत्तों और बीजों का इस्तेमाल भोजन को स्वादिष्ट बनाने के लिए, एक जड़ी-बूटी या मसाले के रूप में किया जाता है।

२६) मेथी
हाय बीपी, अपच और डाईबेटिक्स में मेथी काफी लाभदायक होती है | अदरक और गरम मसाले में मेथी की सब्जी बनाई ये इससे आपका कब्ज ठीक हो जायेगा |

२७) लहसुन
अगर आप कैंसर से बचना चाहते हो तो हर रोज रात को सोने से पहले लहसुन की एक पंखुड़ी खाने की आदत डाललो | इसके नियमित सेवन से आपकी हड्डिया मजबूत बनती है |

२८) थाइम (महा गेलेंजा)
इसका इस्तेमाल पाक, औषधि और सजावट के लिए ज्यादा कीया जाता है |

२९) जूनिपर बेरी
इसमें एंटी इंफ्लामेटरी और एंटी ऑक्सीडेंट गुण पाए जाते है | इसका सेवन करने से आपकी हृदय की बीमारिया ख़त्म हो जाएगी |

३०) कोकम
कोकम का शर्बत तो हम सभी को बेहद अच्छा लगता है | इसमें एंटी फंगल और एंटी ऑक्सीडेंट गुण मौजूद होते है | पाचन तंत्र के लिए यह कारगर साबित होता है |

३१) मर्जोरम
मर्जोरम में कई विरोधी एन्टीइन्फ्लैमटोरी और एंटी मिक्रोबाल गुण पाए गए हैं। यह पाचन संबंधी मुद्दों, संक्रमण और दर्दनाक माहवारी सहित विभिन्न बीमारियों के इलाज में मदद करने के लिए औषधीय रूप से उपयोग किया गया है |

३२) ओरगेनो (अजवायन की पत्ती)
अजवायन पुदीना परिवार में एक फूल वाला पौधा है। यह पश्चिमी और दक्षिण पश्चिमी यूरेशिया और भूमध्यसागरीय क्षेत्र में पाए जाते है |

३३) अजमोद
यह विटामिन के और विटामिन सी का एक अच्छा स्त्रोत है | मधुमेह और कैंसर पर यह काफी फायदेमंद औषधि है |

३४) पिप्पली
यह खासी, फेफड़े और पेट दर्द पर उपायकारी है | इसमें कार्बोहायड्रेड और प्रोटीन की मात्रा पायी जाती है | पिप्पली की तासीर गर्म होती है |

३५) अनारदाना
यह सबसे अच्छा विटामिन का स्त्रोत है | इसमें एंटी ऑक्सीडेंट गुण मौजूद होते है, साथ ही यह वजन घटने में भी मदद करता है |

३६) खसखस
कब्ज के लिए खसखस फायदेमंद है | इसमें फायबर, आयरन और पोटेसियम की अच्छी मात्रा होती है | पेट संबंधी समस्या में यह उपायकारी होता है |

३७) गुलमेंहदी
याददाश्त को बेहतर बनाने में गुलमेहंदी मदद करती है | तनाव को दूर करने के लिए आप इसका इस्तेमाल कर सकते हो | यह आपको संक्रमण से भी बचाके रखता है |

३८) केसर
सिरदर्द को दूर करने के लिए आप केसर का इस्तेमाल कर सकते है | दूध के साथ इसे लेने से आपके यौन शक्ति में सुधार आता है |

३९) चक्रफूल
खाने की खुशबु बढ़ाने के लिए चक्रफूल का इस्तेमाल किया जाता है | इसके इस्तेमाल से आपकी ब्लड शुगर कण्ट्रोल में रहने में मदद मिलती है |

४०) बच (Sweet flag)
माइग्रेन और बवासीर से बचने के लिए आप इसका इस्तेमाल कर सकते है | घाव और फोड़े पर आप बच के पाउडर का इस्तेमाल कर सकते है |

४१) इमली
इमली से आपको विटामिन सी और विटामिन ए मिलता है | स्वाद में यह खट्टा होता है | साथ ही इसमें कैल्शियम, मैग्नेसियम और फॉस्फोरस भी पाया जाता है | वजन कम करने आप इमली का इस्तेमाल कर सकते है |

४२) वैनिला
इसमें एंटी इन्फ्लैमटॉरी गुण पाए जाते है | गर्भावस्ता के दिनों में आप इसका इस्तेमाल सकते हो |

४३) मिर्च
खाने में नियमित रूप से मिर्च का इस्तेमाल करने से फेफडोंके सम्बन्धी कैंसर से दूर रहोगे | मिर्च का सेवन हमारे स्किन के लिए लाभकारी होता है | वजन कम करने में यह मदद करती है |

४४) काला तिल
रोगप्रतिरोधक शमता को बढाने का काम काला तिल करता है | खुनी बवासीर से परेशान लोगोंको इसका सेवन जरूर करना चाहिए ।

४५) जावित्री
दस्त और मुहसोमे जावित्री का इस्तेमाल किया जाता है | यह आपको सर दर्द की समस्या से छुटकारा दिलाएगा | आयुर्वेद में भूख बढाने के लिए जावित्री का इस्तेमाल किया जाता है |

४६) सूखा नारियल
यह आयरन का सबसे अच्छा स्त्रोत है | किसी भी प्रकार की चटनी बनाने के लिए आप सूखे नारियल का इस्तेमाल कर सकते है | आयरन की मात्रा होने के कारण यह खून को बढ़ाने का काम करता है |

४७) सौंठ
इसको हींग और काला नमक के साथ लेने से आपकी गैस की समस्या नष्ट होती है | पानी के साथ सौंठ का चूर्ण लेने से आमवात की समस्या दूर होती है |

४८) अरारोट पाउडर
यह हमारी चयापचय संस्था को नियंत्रित करता है | वजन घटाने में यह आपकी मदद भी करेगा | हाय ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करेगा |

४९) अमचूर पाउडर
इसमें माँगीफेरिन नामक तत्व मौजूद होने के कारण यह आपको वजन नियंत्रित करने में मदद करेगा | डायबिटीस को कम करने का काम आमचूर पाउडर करता है | खाना खाने के बाद पानी के साथ आप इसका सेवन कर सकते है |

५०) अनारदाना
अनार दाने से आपको विटामिन ए और विटामिन सी मिलेगा | इसमें फोलिक एसिड की मात्रा भी बहुत ज्यादा पाई जाती है | फायबर मौजूद होने के कारण कब्ज की समस्या में राहत देगा |

५१) अलसी के बीज
इस में ओमेगा-3 अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जिसके वजह से आपको हर्ट अटैक का खतरा नहीं रहेगा | अलसी के बीज शरीर की अतिरिक्त वसा को कम करने का काम करता है |

५२) सूखा आवला
आंवले का रस आंखों के लिए बहुत गुणकारी होता है। इसके नियमित सेवन से तनाव में आराम मिलता है। हड्डिया मजबूत बनाने में आवला महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है |

५३) नमक
खाने को स्वाद लाने का काम नमक करता है | इसका ज्यादा मात्रा में सेवन करने से ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है | भारत में ज्योतिष शास्त्र के कुछ नियम और तर्क भी नमक के जरिये लगाए जाते है |

५४) सेंधा नमक
आम नमक और सेंधा नमक में फर्क होता है | शरीर के दर्द को कम करने के लिए इस नमक का इस्तेमाल करते है | अस्थमा की समस्या से दूर रखने में मदद करेगा |

५५) लाल मिर्च पाउडर
इस पाउडर का इस्तेमाल गठिया की बीमारी में किया जाता है | कैंसर से दूर रखने में यह मदद करेगा | खाने में लाल मिर्च पाउडर का इस्तेमाल करने से दिल की बीमारी दूर रहती है |

५६) शेजवायन काली मिर्च
किसी भी प्रकार का इन्फेक्शन से दूर रखने में यह आपकी मदद करेगा | इसका उपयोग वजन कम करने में किया जाता है | गैस की समस्या से दूर रहेंगे |

५७) सफेद मिर्च/ दखनी मिर्च
आखोंके लिए और सर दर्द की समस्या में यह काफी गुणकारी होता है | सफेद मिर्च आपको खांसी जुकाम से दूर रखेगा |

५८) लाल शिमला मिर्च
इम्यून सिस्टम बूस्ट होने यह आपकी मदद करेगा | इसके इस्तेमाल से आंखों की रोशनी बढ़ती है | आप लाल मिर्च के सेवन से वजन भी कम कर सकते है |

५९) कबाब चीनी
इसका बीज आपकी सूजन कम करने में मदद करेगा | मूत्र की समस्या से बचने के लिए आप इसका इस्तेमाल कर सकते है |

६०) गुलाबजल
त्वचा को सुंदर बनाने के लिए गुलाबजल एक बेहतरीन पर्याय है | आँखों को तजा बनाने के लिए आप इसका इस्तेमाल कर सकते हो |

६१) बेकिंग सोडा
कील मुंहासों से छुटकारा पाने के लिए ये एक अच्छा उपाय है | गोरी चमड़ी पाने के लिए बेकिंग सोडा का इस्तेमाल बेहतरीन तरहसे किया जाता है |

६२) बेकिंग पाउडर
दातोंका पीलापन दूर करने के लिए आप इस पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हो | शरीर से बदबू कम करने के लिए आप इसका इस्तेमाल कर सकते हो |

६३) खमीर
इसमें विटामिन B समूह के B1 , B2 , B3 , B6 पाए जाते हैं | खमीर से कुछ लोगोंको अलेर्जी हो सकती है | बैक्टीरिया को हटाने के लिए आप खमीर का इस्तेमाल कर सकते है |

६४) केवड़ा जल
त्वचा रोग और सर दर्द में राहत देता है | दुर्गन्धि को दूर करने में इसका इस्तेमाल किया जाता है |

६५) चायपत्ती
इसका इस्तेमाल हम सबको पता है चाय को बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है | इसके कई सारे प्रकार होते है |

६६) सफेद तिल
यह तनाव को कम करने का काम करता है | इसके नियमित सेवन से हड्डिया मजबूत बनने में मदद मिलती है | हृदय की मांसपेशिया मजबूत बनती है |

६७) गोंद
इसको दस्त, खासी और गले की खराश मिटाने के लिए उपयोग करते है | इसके लड्डू बनाकर खाने से शरीर को अतिरिक्त कैलोरी मिलती है |

६८) हरडा
यह सम्पूर्ण शरीर के लिए विशेष फायदेमंद है | यह त्रिफला का एक महत्वपूर्ण घटक है | कब्ज की समस्या में इसकी गोलिया बनाकर मरीजोंको दी जाती है |

६९) बेहडा
खासतौर पर बालोंकी समस्या में बेहड़ा का इस्तेमाल किया जाता है | यह त्रिफला का एक महत्वपूर्ण घटक है | आँखों की समस्या में यह कारगर साबित होता है |

७०) मुलेठी
गले के संक्रमण में मुलेठी का इस्तेमाल किया जाता है | शरीर की कमजोरी को दूर करने में यह काफी अच्छा उपाय है |

७१) साबूदाना
हड्डिया मजबूत बनाने में आप इसका इस्तेमाल कर सकते है | साबूदाने में पोटैशियम की अच्छी मात्रा होती है | इसमें आपको विटामिन के भी पाया जाता है |

७२) रामतिल (नाइजर)
रामतिल की खेती की जाती है | शरीर के कीड़े मारने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है | इसका मसाले के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है |

७३) फ़ूड कलर
फ़ूड कलर का इस्तेमाल खासतौर पर खाने के रंग को बढाने के किया जाता है | जिलेबी जैसे खाद्य पदार्थ बनाने में फ़ूड कलर का उपयोग किया जाता है |

७४) गवती चाय
कोलेस्ट्रॉल की लेवल को कम करने का काम गवती चाय करता है | रोजाना एक कप गवती चाय पिने से त्वचा में निखार आता है |

७५) फिटकरी
चोट लगने पर खून आता है | इस खून को रोकने के लिए आप फिटकरी का इस्तेमाल कर सकते है | फिटकरी दमा और खासी का अच्छा उपाय है |

७६) अजीनोमोटो
चायनीस फ़ूड बनाने के लिए आप अजीनोमोटो का इस्तेमाल कर सकते हो | लेकिन हद से ज्यादा इस्तेमाल बहुत ही खतरनाक हो सकता है |

७७) लेमन साल्ट (सिट्रिक एसिड)
पाचनक्रिया को अच्छा बनाने में यह काम करता है | लेमन साल्ट कब्ज की समस्या से दूर रखेगा |

७८) सरसो का तेल
भूक बढ़ने और वजन घटाने में इसका इस्तेमाल किया जाता है | दांत दर्द में यह कारगर साबित होता है |

मिक्स मसाले

७९) मैगी मसाला

८०) गरम मसाला

८१) सांभर मसाला

८२) दाबेली मसाला

८३) तंदूरी मसाला

८४) चाट मसाला

८५) चाय मसाला

८६) पावभाजी मसाला

८७) पनीर मसाला

८८) मटन मसाला

ड्राई फ्रूटस

८९) मखाना

९०) किशमिश

९१) बादाम

९२) काजू

९३) चिलगोजे

चटनी मसाले

९४) रेड चिली सॉस

९५) ग्रीन चिली सॉस

९६) सोया सॉस

९७) शेजवान सॉस

९८) टमाटर की चटनी

९९) अदरक लहसुन पेस्ट

१००) पुदीना चटनी

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