मैं अच्छा हूँ

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दोस्तों इस दुनिया में कोई भी व्यक्ति जन्म से अच्छा या बुरा नहीं होता अपनी जिंदगी के हालात इस दुनिया के बसून उससे अच्छा या बुरा बनाते हैं | जो कर्म दूसरों के हित के लिए होते हैं खुद के लिए हितकर लाभकारी होते हैं | उसे अच्छा कहा जाता है जिस कर्म से जिन बातों से दूसरों को दर्द तकलीफ होती है। 

दूसरों का नुकसान होता है। उसे बुरा कहा जाता है कुछ लोग बिना सोचे समझे दूसरों के बारे में गलत बोलते रहते हैं अपने मन से ही दूसरों के स्वभाव के बारे में अंदाजा लगाते हैं। अपनी जिंदगी का अमूल्य वक्त अपने रिश्तेदार पड़ौसी दोस्तों की बुराइयां ढूंढने में और उन्हें कोसने में लगाते हैं। 

हम देखते हैं समाज में अक्सर लोग यही करते हैं। इसमें महिलाएं थोड़ी आगे है इसमें कोई शक नहीं समाज में जनजागृति हुई और पुरुषों के साथ-साथ महिला भी काम करने लगी है फिर भी कुछ महिलाएं दिन भर घर पर बैठे रहती है। 

कुछ काम नहीं होता इसलिए सिर्फ दूसरों की जिंदगी में ध्यान केंद्रित करती है और उनकी गलतियां निकालती है जो कि बिल्कुल गलत बात है। हमें यह जिंदगी सिर्फ एक बार मिलती है इस खूबसूरत जिंदगी को हसीन बनाना हमारा काम है। 

वैसे तो बुरे कर्म कर के भी लोग जीते ही है पर अच्छे कर्म से मिलने वाली संतुष्टि का मजा ही कुछ और है। दोस्तों खुद को बुरा कहना बहुत आसान है जो लोग कमजोर होते हैं बड़ी आसानी से दूसरों को गलत कह बैठते हैं ऐसे लोग खुद को भी बुरा कहने में वक्त नहीं लगाते असली साहस तो खुद को अच्छा कहना है। 

क्योंकि आपकी अच्छाई साबित करने के लिए आपको अच्छा सोचना पड़ता है। अच्छा बोलना पड़ता है और अच्छे कर्म करने पड़ते हैं। मैंने अक्सर देखा है जो लोग दूसरों के बारे में बुरा सोचते हैं वह कभी मन से शांत नहीं रहते उनके मन में एक आग लगी होती है कि कब मेरे आस-पास का व्यक्ति गलती करेगा और मैं मेरी सारी भड़ास उस पर निकाल दूँ |

एक बार अगर आपको ऐसी आदत लगती है तो आप उस आदत के शिकार बन जाते हैं। जिससे आपकी जिंदगी क्रोध से भर जाती है और यही क्रोध आपकी जिंदगी को तबाह कर देता है फिर चाहे आप घर में हो या ऑफिस में हो|

कोई ना कोई व्यक्ति आपके क्रोध का शिकार तो बनता ही है जिंदगी का असली मजा लोगों की गलतियां ढूंढने में नहीं बल्कि गलतियां माफ़ करने में हैं | जो दूसरों को माफ करना सीख जाता है वह जिंदगी में बहुत कुछ हासिल करता है।

जब हम किसी पर चिल्लाते हैं तो हम उसके दिमाग में चले जाते हैं और जब हम किसी को माफ करते हैं तो हम उसके दिल में बस जाते हैं। दिल में बसने वाले लोगों के लिए हमेशा दुआ निकलती है और दिमाग में बैठने वाले लोगों के लिए हमेशा बदले की आग तड़पती है |

सॉरी एक बहुत ही अच्छा शब्द है। इसे कहने में कभी भी हिचकिचाना नहीं चाहिए। कोई भी व्यक्ति आपसे छोटा है या बड़ा बस सॉरी कह दीजिए जब भी कभी आप अपने से बड़े व्यक्ति को सॉरी कहते हैं वह आपको आसानी से माफ कर देते हैं। जिससे आप उस गलती को भी दोबारा नहीं करते |

जब आप अपने से उम्र में छोटे व्यक्ति को सॉरी कहते हैं तो आपकी इज्जत करने लगता है। जब आप अपनी उम्र के व्यक्ति को सॉरी कहते हैं तो आपसे प्यार करने लगता है। बस एक सॉरी शब्द से आप प्यार इज्जत और गलती सुधारने का मौका सब कुछ पा सकते हैं। 

सॉरी कहने के लिए और माफ करने के लिए बहुत बड़ा दिल लगता है | बस अपने दिल के दरवाजे खोलो और दिल को बड़ा करो सॉरी के साथ-साथ थैंक्यू एक ऐसा शब्द है जिसे कहने में कभी भी कंजूसी नहीं करनी चाहिए।

जो लोग छोटी-छोटी बातों पर लोगों का आभार व्यक्त करते हैं। वह अपनी जिंदगी में कभी मायूस या उदास नहीं रहते ऐसे लोग कभी जिंदगी में दूसरों का बुरा नहीं सोचते जब हमारी सोच अच्छी होगी तभी हमारे हाथों से अच्छे कर्म होंगे | 

जो विचार दिमाग में होते हैं वही अक्सर जुबान पर आते हैं इसलिए सबसे पहले अपने विचारों को अच्छा बनाओ अपनी सोच को अच्छा बनाने के लिए आपको उसे खाना पीना खिलाने की जरूरत है। इसके लिए अच्छे लोगों की महान लोगों की किताबें पढ़ें | 

ऐसे लोगों के वीडियो देखे जो ऊर्जा से भरे हुए होते हैं जिनके विचारों की ताकत आपको अच्छा सोचने के लिए मजबूर करें ऐसे लोगों के साथ में रहे जो जिंदगी में किसी लक्ष्य तक पहुंचना चाहते हैं और दिन-रात उसी काम में लगे हुए हैं। 

जिनके पास दूसरों की बुराइयां करने के लिए वक्त ही नहीं है ऐसे लोगों से बातें करें जिनकी मधुर वाणी आप को मंत्रमुग्ध करें इस तरह से आपकी जिंदगी नई उम्मीद कुछ नया करने की चाहत से भर जाएगी जिससे आपके हाथों से अच्छे कर्म होंगे और आप खुद की नजर में महान बनोगे।

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