मौसम के बारे में जानकारी। प्रमुख कारण ।

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आशा करती हूँ आप ठीक हो। आज हम जानेगे मौसम के बारे में, सीधी बात में बताया जाये तो मौसम हमारे आसपास के वातावरण की दशा बताता है। आप ऋतु और मौसम को एक ही चीज मानने की गलती न कीजिये। क्योंकि ऋतु जो होता है ओ बड़े कालखंड के लिए माना जाता है। वही मौसम जो है ओ छोटे काल के लिए सिमित होता है। इसकी वजह भी बिलकुल आसान है, क्योंकि वातावरण ज्यादा समय के लिए एकसमान नहीं रह पाता है।

मौसम की जानकारी।

पहले लोगोंको मौसम के कारण बहुत सी चीजे करने में दिक्कत आती थी। उनको ठीक से जानकारी पाने में काफी पेरशानी आती थी। पहले के लोग जल, वायु का वेग, सूरज की जगह और वृक्ष में होने वाले बदलाव से मौसम का अनुमान करते थे। आज के समय में टेक्नोलॉजी में बहुत से बदलाव के कारण हम ज्यादा सटीक जानकारी पा सकते है। क्या आपको पता है, मोसम में होने वाले बदलाव के प्रमुख कारण कोण कोण है। तो चलो उसके बारे में चर्चा करते है।

सूर्य –
यह हमारे आकाश गंगा का एक साधारण और अचल ऐसा तारा है। सूरज एक आग का जलता हुआ गोला है, इसके गुरुत्वकर्षण के कारण पृथ्वी पे मौजूद हर चीज प्रभावित है। यह हमसे १५ करोड़ किमी दूर है। हमारी धरती पे हराभरा जीवन सूरज की ही देन है। इन वजहोंके के कारण हिन्दू धर्म में सूरज को भगवान का दर्जा दिया गया है। आकार में यह पृथ्वी से काफी बड़ा है।

पृथ्वी –
हमारी धरती, वातावरण का निर्माण करने में पूरी तरह से सूरज पे ही निर्भर नहीं है। इसमें उसका भी काफी बड़ा योगदान है। पृथ्वी ध्रुव के बाजु में थोड़ी चपटी है। पूरी आकाश गंगा में सिर्फ हमारी धरती पे ही जीवन सृष्टि है, क्योंकि पृथ्वी पे मौसम है।

सागर –
पृथ्वी का लगभग ७१ प्रतिशत भाग सागर का है। वातावरण की ज्यादातर जानकारी सागर से मिलती है। सागर में इतना पानी होके भी वह पिने लायक नहीं है। हमारे धरती पे पिने लायक पानी सिर्फ १ प्रतिशत है।

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