लड़की को माँ बनने की सही उम्र क्या है?

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अक्सर लड़की को यह पता नहीं होता है कि प्रेगनेंसी की सही उम्र क्या है।

यह सच है कि आज के दौर में महिलाओं के लिए सिर्फ ग्रहस्ती ही नहीं, अपना करियर भी ज़रूरी हो गया है।

ज्यादातर महिलाऐं चाहती हैं कि वह एक सही मुकाम पर पहुँचने के बाद ही एक नन्ही सी जान को दुनिया में लाएं।

यह सोच गलत नहीं है पर यह ज़रूरी है कि आप अपने जीवन को इस तरह प्लान करें कि समय रहते आप माँ बन सकें और आपको बाद में दिक्कत का सामना न करना पड़े।

तो इस विषय को लेकर आपकी उलझन को दूर करने के लिए, आइये जानते हैं कि गर्भधारण की सही उम्र क्या है|

गर्भधारण की उम्र

बहुत सारी लड़कियों को गर्भवती रहने की सही उम्र मालूम नहीं होती।

बहुत ही कम उम्र में लड़कियों की शादी की जाती है | 12 – 13 साल की उम्र में लड़कियां मां बन जाती है।

बहुत ही कम उम्र में प्रेग्नेंट रहने के कारण कई महिलाओं की जान भी चली जाती है।

इसलिए गर्भवती रहने की सही उम्र मालूम होना बहुत ही जरूरी है।

गर्भवती होने के लिए सही उम्र 20 से 30 वर्ष की होती है |

30 वर्ष के बाद महिलाओं के प्रजनन स्तर में कमी आ जाती है |

जैसे जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, वैसे ही शरीर में अंडे का उत्पादन घटता है | जिससे बांज होने का खतरा बढ़ जाता है।

इसलिए 20 से 30 वर्ष की उम्र में गर्भधारण का सही समय है।

अगर आप 30 की उम्र के बाद गर्भ धारण करती है, तो आपको गर्भावस्था के दौरान में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है |

क्योंकि आपका शरीर इस दौरान कई हार्मोनल परिवर्तनों से गुजरता है | जिससे गर्भपात हो सकता है या समय से पहले डिलीवरी हो सकती है।

जैसे-जैसे आप की उम्र 30 से ज्यादा बढ़ती है, तो आपको गर्भधारण करने में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

लड़की को माँ बनने की सही उम्र

गर्भवती होने के लिए सही उम्र 30 वर्ष से कम होती है क्योंकि 30 वर्ष के बाद महिलाओं के प्रजनन स्तर में कमी आ जाती है। जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, वैसे ही शरीर में अंडे का उत्पादन घटता है जिससे आप में बांझपन का खतरा बढ़ जाता है।

इसलिए जब आपकी उम्र २० और ३० के बिच में है, तब वो प्रेग्नेन्सी का सही समय है|

अमेरिकी सोसाइटी ऑफ रिप्रोडक्टिव मेडिसिन के मुताबिक लड़की को 30 साल की उम्र के बाद हर गुजरते महीने में गर्भवती होने की संभावना २०% कम हो जाती है, भले ही एक महिला कितनी स्वस्थ क्यों न हो।

और एक बार जब आप 35 की उम्र तक पहुंच जाती हैं, तो प्रेग्नेंट होने, गर्भावस्था बनाए रखने और स्वस्थ बच्चे को जन्म देने की संभावना काफी कम हो जाती है।

नोवा मेडिकल सेंटर्स की स्टडी के अनुसार 31 साल या उससे अधिक की आयु की 68% महिलाओं ने फर्टिलिटी ट्रीटमेंट का विकल्प चुना जबकि लगभग 31 से 35 साल की 36% महिलाओं और 35 साल से अधिक उम्र की 32% महिलाओं ने यह विकल्प चुना।

पेट में लड़का होने के आयुर्वेदिक संकेत

अगर आप 35 वर्ष के बाद या ज़्यादा उम्र में माँ बनने का सोचती हैं तो आपको सी-सेक्शन ( सीजेरियन ओपरेशन) कराना पड़ सकता है।

इतना ही नहीं, देर से गर्भधारण में आपके बच्चे में न्यूरल ट्यूब दोष या डाउन सिंड्रोम जैसी जेनेटिक असामान्यताएं विकसित होने की संभावनाएं अधिक रहती हैं।

हालांकि नियमित रूप से अल्ट्रासाउंड और एम्नियोसेन्टेसिस टेस्ट (amniocentesis – कुछ खास तरह के जन्मजात दोषो का पता लगाने की लिए टेस्ट) के साथ आप गर्भ में पल रहे बच्चे के समग्र विकास और ग्रोथ पर एक नजर रख सकते हैं।

तो दोस्तों माँ बनना एक बेहद सुखद अनुभव होता है जो भगवान् ने हम महिलाओंको दिया है। इस नए युग में हमें अपना करियर संभालकर एक नन्ही सी जान को ये खूबसूरत दुनिया दिखानी है।

इसीलिए आपको २० से ३० की उम्र में यह महत्वपूर्ण निर्णय लेना उचित रहेगा। कभी कभी लड़की को पता नहीं चलता की वो गर्भवती है या नहीं है तो उसके लिए iknow का प्रेगनेंसी टेस्ट किट आपके लिए अच्छा रहेगा।  

महिला माँ कैसे बनती है –

जिव का निर्माण करने का हक भगवान् को जाता है और उसके बाद यह सुंदर अधिकार लड़की को दिया गया है। हर महिला के सपनो में से, माँ बनना भी एक सपना ही होता है।

गर्भवती रहने का अनुभव हर महिला लेना चाहती है। गर्भ किस प्रकार ठहरता यह अपने आपमें बहुत बड़ी घटना है। अच्छे से समज ले तो बेहद आसान है वरना उतनी ही मुश्किल।

महिला के शरीर में अंडे बनते है, यह अंडे हर महीने बनते रहते है और एक महीने के बाद शरीर से बाहर निकलते है और नए अंडे बनना शुरू होता है।

जब भी महिला माँ बनने की उम्र में आती है तब यह प्रकिया शुरू होती है और जीवन के कुछ अंतराल के बाद यह प्रक्रिया थम जाती है उसे रजोनिवृत्ति कहते है।

अब आपको यह तो पता चला की महिला के शरीर में अंडे कब बनते है। अब सवाल आता है इन अन्डोंसे शिशु जन्म कैसे लेता है। यहा पर पुरुष का कार्य समझना जरूरी है।

पुरुष के वीर्य में शुक्राणु नामक घटक मौजूद होता है, जब यह शुक्राणु अंडे से मिलता है तो दोनों में रिएक्शन शुरू होती है। इस रिएक्शन को निषेचन कहा जाता है।

शुक्राणु महिला के शरीर(फॉलोपियन ट्यूब) में ६ दिन तक रहता है, अगर इन ६ दिनों में शुक्राणु अंडे से मिल गया तो गर्भ धारण हो जायेगा।

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