शुगर के लक्षण और इलाज

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समय से पहले चेहरे पर झुर्रियों का आना शुगर लेवल बढ़ने का संकेत होता है। इसके साथ – साथ चेहरे पर दाग, धब्बे, मुंहासे और लाल चकते पड़ने लगते हैं | शरीर में मधुमेह बढ़ने पर आपकी इच्छाशक्ति कम हो जाती है। शुगर शरीर की सारी उर्जा को सोख लेती है, जिससे आपको थकान महसूस होने लगती है ।

इससे आप थोड़ी दूर चलने से, या कोई भी व्यायाम करने से, कोई भी काम करने से जल्दी थक जाते हैं । शरीर में मधुमेह बढ़ने पर बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। इसके कारण खाना खाने के बाद पेट में दर्द होता है | पेट का फूलना और पेट में सूजन जैसी समस्या हो सकती है।

खून में शुगर लेवल ज्यादा हो जाने पर रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। जिससे बार – बार बीमार पड़ना, दर्द कई दिनों तक ठीक न होना, ज्यादा यूरिन आने की समस्या जैसे लक्षण दिखाई देते है | शरीर शुगर को ऊर्जा में बदल नहीं पाता, जिसके कारण पेट या कमर के आसपास चर्बी इकट्ठा हो जाती है | जिसके कारण मोटापा बढ़ने लगता है।

शरीर में शुगर की मात्रा ज्यादा होने पर आपको ठीक से नींद नहीं आती | इसके अलावा रोजाना अधिक मात्रा में इसका सेवन अनिद्रा की समस्या भी पैदा कर सकता है | किडनी का 70% हिस्सा शरीर से बैक्टीरिया को निकालने का काम करता है। लेकिन इस की मात्रा ज्यादा होने पर यह ठीक से काम नहीं कर पाता जिसके कारण आपको कब्ज और पेट से संबंधित समस्याएं पैदा होती है।

रैंडम ब्लड शुगर लेवल

सबसे गहन सवाल जो हर किसी के दिमाग में आता है, वह है की रैंडम ब्लड शुगर लेवल कितनी होनी चाहिए? एक आम आदमी की शुगर कितनी होती है।  

जिन लोगोंको डायबेटीस है उन्हें लगता है की उनके शरीर में सिर्फ शुगर की मात्रा बढ़ गई है। वे लोगोंको टेस्ट करने के बाद मधुमेह बढ़ जाने की रिपोर्ट हाथ में थमा दी जाती है। लेकिन ऐसे लोगोंको कुछ बाते समझना जरूरी होता है। 

हमारे शरीर के अंदर पैंक्रियास नाम का अवयव होता है। इसका इन्सुलिन बनाने का काम होता है, यह इन्सुलिन पचे हुए खाने से निकलने वाले ग्लूकोज़ को एनर्जी में बदल देता है। 

ग्लूकोज़ को एनर्जी में बदलने के कारन हमारे शरीर के सेल्स को शक्ति मिलती है। जब पैंक्रियास इन्सुलिन बनाना बंद कर देता है तब शरीर का ग्लूकोज़ एनर्जी में बदल नहीं पाता और खून में शुगर लेवल बढ़ जाती है। 

आपने लोगोंको कहते हुए देखा होगा की मेरा डायबेटीस कण्ट्रोल में है। 

खाली पेट शुगर की लेवल ७० से ११० होनी चाहिए। भोजन के बाद शुगर लेवल १४० से निचे होना चाहिए तो ऐसे नार्मल शुगर लेवल कहते है।  लेकिन शुगर की लेवल सिर्फ कण्ट्रोल करने से फायदा नहीं होता इसलिए आपको एक चिकिस्तक याने की डॉक्टर की जरूरत हमेशा रहती है। 

शुगर के लक्षण और इलाज / डायबिटीज के लक्षण और उपाय

शरीर में शुगर की मात्रा ज्यादा होने के कारन हार्ट की नालिया ब्लॉक हो जाती है। 

खून में ग्लूकोज ज्यादा होने के कारन खून गाढा बन जाता है और उसे रक्तनलिका में बहने में दिक्कत आती है। 

इस गाढे खून की वजह से हमारी किडनी ख़राब हो जाती है, नर्वस सिस्टम डैमेज होती है, आखोंके रेटिना पर बुरा असर पड़ता है। 

गाढे खून के कारन ब्रेन स्ट्रोक, पैरालिसिस और अल्झायमर हो सकता है।

बहुत सारी जगह पर मधुमेह बढ़ने और शारीरिक कमजोरी के कारण कैंसर तक का खतरा देखा गया है।  

खून में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने का प्रमुख कारन कार्बो हाइड्रेट होता है। कार्बो हाइड्रेट के दो प्रकार होते है।

  • सिंपल कार्बोहायड्रेट 
  • काम्प्लेक्स कार्बोहायड्रेट 

चीनी, मिठाई, फल इसमें सिंपल कार्बोहाइड्रेट्स होते है वही आटा, चावल, दाल और ब्रेड में काम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स पाए जाते है। 

मधुमेह वाले मरीजोंको आलू और चावल खाने से डॉक्टर मना करते है क्योंकि इनमे स्टार्च की मात्रा अधिक होती है। 

मधुमेह के लक्षण / शुगर के लक्षण / डायबिटीज के लक्षण

कुछ लक्षण है जिससे आप जान सकते हो की आपको मधुमेह है। जैसे की अचानक वजन कम होना, रात को बार बार पिशाब लगना, बार बार प्यास लगना, भूक बढ़ना इ मधुमेह के लक्षण हो सकते है। 

कुछ लक्षण ऐसे है जो शुगर के कॉम्पलेक्सिटी की वजह से होते है। जैसे की हात पैर की खुजली होना, आखोंमे धुंदलासा दिखाई देना। ज्यादातर लोगोंको डायबिटीज के लक्षण नहीं दिखते यह बात ध्यान रखे। 

इसीलिए हर दो साल में मधुमेह की जाँच करना जरूरी है।  

शुगर का इलाज

  • नियमित रूप से व्यायाम करे 
  • ज्यादा देर बैठकर काम करने से बचे
  • समय समय पर कुछ ना कुछ फिजिकल एक्टिविटी करते रहे
  • भरपूर नींद ले ( जल्दी सोये और जल्दी उठे )
  • वजन को नियंत्रित रखे 

पेशाब में शुगर के लक्षण / यूरिन शुगर के लक्षण

लोगोंको अक्सर एक सवाल रहता है की, मधुमेह होने के लक्षण पहले यूरिन याने पेशाब में दिखाई देते है या खून में दिखाई देते है। 

आजकल डॉक्टर्स यूरिन में आने वाली शुगर को मधुमेह होने का लक्षण नहीं मानते है, यह बात ध्यान रहे। पहले समय मधुमेह को यूरिन टेस्ट के जरिये पता करते थे। 

लेकिन शुगर पहले ब्लड में आती है फिर किडनी के मार्ग से यूरिन में जाती है। जब आपके ब्लड में शुगर १८० से ज्यादा होती है तब शुगर पेशाब में जाती है। इसीलिए, मधुमेह की जाँच करने के लिए ब्लड टेस्ट ही बेहतरीन उपाय है।

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