षडबिंदु तेल के फायदे

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इसमें मुख्यत: तिल का तेल, बकरी का दूध और भृंगराज होता है। इसके अलावा इसमें अरंड, तगर, जीवंती, Rasna, सेंधा नमक, दालचीनी, विडंग, यष्टिमधु और अदरक की पाउडर होती है। इन सभी औषधियों को तिल के तेल में पकाकर षडबिंदु तेल तैयार होता है। षडबिंदु तेल के फायदे बहुत सारे है।

इसका नस्य लेने से आंखों की ज्योति तेज होती है। अर्थात चश्मे का नंबर कम होता है। यह तेल दातों के लिए भी बहुत ही अच्छा है l छींके आना, सर्दी, नाक बंद होना, साइनस, नेजल पॉलिप, बाल झड़ना, बाल सफेद होना, सिरदर्द की समस्याओं में यह बहुत ही लाभकारी है।

बारिश के बाद जब मौसम नम से अचानक सूख जाता है, तो नाक में रूखापन होने से कई समस्याएं होती है l जैसे कि छींक आना, एलर्जी, जुकाम, आंखों में खुजली, सिरदर्द, आंखों से पानी आना उसके लिए षडबिंदु तेल का नस से लेना उत्तम उपाय है।

इसमें सभी प्रकार के रोगों को नष्ट करने की क्षमता होती है । साइनोसाइटिस की समस्या के लिए भी यह बहुत ही अच्छा उपाय है। इस तेल का उपयोग नाक में दो-दो बूंद टपकाकर नस्य के रूप में किया जाता है। इसको करने के लिए पलंग पर लेटकर गर्दन पलंग से बाहर की तरफ रखकर लटका दे। ताकि नाक सीधा छत की तरफ हो जाए l अब ड्रॉपर में षडबिंदु तेल की 2-3 बूंदे भरकर एक नासापूट में टपका दे।

जैसे ही तेल की बूंद नासापूट में गिरे | वैसे ही दूसरी नासा पुट को उंगलियों से दबा दे | दो तीन बार जोर-जोर से सांस खींचें ताकि तेल कंठ में जाकर ऊपर की तरफ निकल जाए । इस प्रकार से दूसरे नासापूट में भी करें l इसके बाद दो-तीन मिनट तक इसी स्थिति में लेटे रहे और फिर उठ जाए l यह प्रयोग रात को सोते समय करे |

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