आंखों की बीमारियां

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आंखों की एलर्जी का घरेलू उपाय

आंखें हमारे शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है | इसलिए इसको हर तरह के संक्रमण से दूर रखना हमारा काम है |

बारिश का मौसम आखोंके लिए ठीक नहीं होता, ऐसे वक्त में आंखों की सफाई का खास तौर पर खयाल रखिए | इसके लिए सुबह शाम आंखों को ठंडे और साफ पानी से धो लें ताकि किसी भी प्रकार की गंदगी आंखों में ना रह जाए |

सही मात्रा में नींद ले ताकि आंखों की थकावट दूर हो | ठंडी हवा धूप धूल मिट्टी से आंखों को हमेशा बनाए रखें | इसके लिए आप सनग्लास का इस्तेमाल कर सकते हैं |

सौंदर्य प्रसाधन भी आंखों का इंफेक्शन पैदा कर सकते हैं | इसलिए इनका प्रयोग करने से पहले सावधान रहें | किसी का इस्तेमाल किया गया काजल न लगाएं |

कंप्यूटर स्क्रीन मोबाइल, लैपटॉप पर काम करते समय हर थोड़ी देर में ब्रेक जरूर ले ताकि आंखों पर दबाव ना बने |

आंखों में किसी भी तरह की और लालिमा या खुजली होने पर बिना देर किए आंखों के डॉक्टर की सलाह ले |

आंखों का भेंगापन

हमारी आंख और उसकी नजर हमारा सौंदर्य बढ़ाने में मदद करती है। 

भेंगापन होने पर हमारी आंखें एक वस्तु पर ध्यान केंद्रित करने में एक साथ काम नहीं कर पाती |

जिस व्यक्ति को भी यह समस्या होती है, उनकी आंखें अलग-अलग दिशा में देखती है। 

भेंगापन होने पर सामने वाले व्यक्ति को भी पीड़ितों से बातचीत करने में दिक्कत आती है। 

सामान्य रूप से हमारी हर आँख से जुड़ी मांसपेशियां एक ही दिशा में दोनों आंखों को ध्यान केंद्रित करने के लिए एक साथ काम करती है। 

विज्ञापन तब होता है, जब दोनों आंखों की मांसपेशियां एक साथ काम करने में सक्षम रहती है। 

यह समस्या बच्चों में आम रूप से देखी जाती है। हर लोगों में यह समस्या विभिन्न प्रकार से हो सकती है। 

जैसे कि मस्तिष्क पक्षाघात और स्ट्रोक। भेंगापन सर्जरी दोनों से ठीक किया जा सकता है | 

विज्ञापन के तीन प्रमुख प्रकार होते हैं | एसोट्रोपिया यह आँखों के भेंगापन का सबसे आम रूप है। 

इसमें एक आंख सीधे देखने के बजाय दूसरी तरफ देखती है। 

एग्जॉट्रोपिया में आंख सीधे देखने के बजाय बाहर की तरफ देखती है। इसके लक्षण आमतौर पर 1 से 6 वर्ष की आयु के बीच शुरू होते हैं। 

हाइपरट्रोपिया में एक आंख सीधे देखने के बजाय दूसरी तरफ देखती है। 

अब जानते हैं भेंगापन के लक्षण 

आंखों का एक समय एक दिशा में देख पाना | उज्जवल सूरज की रोशनी में एक आंख बंद करना या टेढ़ी करना |  बार-बार टकराने की समस्या होती है। 

लेकिन सही कदम उठाने से इसके निदान में देरी और उससे होने वाली दृष्टि की हानि को रोका जा सकता है।

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