ब्लड के बारे में जानकारी

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रक्त एक प्रकार का तरल संयोजी उत्तक याने की दौड़ कनेक्टिव टिशु होता है | मानव शरीर के कुल भार के साथ प्रतिशत मात्रा में रक्त उसके शरीर में मौजूद होता है | 

संपूर्ण शरीर में रक्त का परिसंचरण यानी ब्लड सर्कुलेशन को करता है | एक मनुष्य के शरीर में लगभग 5 लीटर रक्त रहता है | पुरे शरीर में एक बार रक्त संचरण में लगभग 23 सेकंड का समय लगता है | मनुष्य में ए, बी, ए बी और ओ इस प्रकार के चार ब्लड ग्रुप होते हैं 

इसमें से जो ब्लड ग्रुप है वह सब को ब्लड दे सकता है इसलिए उसको यूनिवर्सल डोनर कहा जाता है | ए बी ग्रुप है वह सब से ले सकता है इसलिए इसको यूनिवर्सल एक्सेप्टर कहते हैं |  

एक स्वस्थ मनुष्य का रक्तदाब यानी ब्लड प्रेशर 120 ए टी एम एम एस जी होता है | रक्त का मृत्यु तरल भाग प्लाज्मा होता है | यह रक्त का लगभग 60% होता है |  

प्लाज्मा का 90% भाग पानी 7% भाग प्रोटीन  5% सोल्ड और सिलने पॉइंट १% भाग ग्लूकोज होता है | पचे हुए भोजन और हार्मोन का  संवर्धन प्लाज्मा का मुख्य कार्य है | जब प्लाज्मा से फाइब्रिनोजेन अलग कर दिया जाता है तो जो बचा हुआ भागे उसे सीरम कहते हैं | 

रक्त की 40% भाग में रुधिकानू यानी ब्लड कार्पोसेल पाए जाते हैं, जिसके तीन प्रकार होते हैं लाल रक्त, कन ने आरबीसी श्वेत रक्त कन याने डब्ल्यूबीसी और रक्त बिम्बाणु याने की ब्लड प्लेटलेट्स | 

सामान्य अवस्था में आरबीसी अस्थि मज्जा याने बोन मैरो में और भ्रूण अवस्था में यकृत में निर्माण होता है | आरबीसी का जीवनकाल 20 से 120 दिन तक होता है |  इसकी मृत्यु यकृत में होती है इसलिए यकृत को आरबीसी का कब्र कहां जाता है |  

आरबीसी में हीमोग्लोबिन पाया जाता है, जिसमें लोह युक्त रंजक हिम होता है, जिसके कारण रक्त का रंग लाल होता है | हिम में लोह युक्त यौगिक होता है, जिसे हिमतिन कहते हैं |  

आरबीसी शरीर की सभी कोशिकाओं में ऑक्सीजन पहुंचाने तथा वहां से कार्बन डाइऑक्साइड निकालने का कार्य करता है | हीमोग्लोबिन की अल्प मात्रा होने पर एनीमिया रोग हो जाता है |  

निद्रा की स्थिति में आरबीसी में 5% की कमी आती है | 4000 की ऊंचाई तक जाने पर आरबीसी में 30% की वृद्धि होती है |  

डब्ल्यूबीसी याने श्वेत रक्त कणिका निर्माण, अस्थि मज्जा, लिंक रोड तथा कभी-कभी यकृत प्लीहा में होता है |  डब्ल्यूबीसी का आकार अमीबा की तरह होता है | डब्ल्यूबीसी का जीवनकाल 1 से 4 दिन होता है और रक्त में ही समाप्त हो जाते हैं |  

डब्ल्यूबीसी में केंद्रक याने न्यूक्लियस पाया जाता है और इसका मुख्य कार्य शरीर की रोगों के संक्रमण से रक्षा करना है | 

प्लेटलेट याने की रक्त बिम्बाणु का निर्माण अस्ति मजा में ही होता है | प्लेटलेट का जीवनकाल 3 से 5 दिन तक का होता है और इसकी मृत्यु प्लीहा में होती है | प्लेटलेट का मुख्य कार्य रक्त का थक्का बनाने में सहायता करना होता है | शरीर के ताप को नियंत्रित करना, घावों को भरना, रक्त का थक्का बनाना, पचे हुए भोजन उत्सर्जी पदार्थ तथा हार्मोन का संवर्धन करना रक्त का कार्य है | 

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