चित्रकादि वटी के फायदे, घटक, बनाने का विधि

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मेरे पास बहुत लोग आते है जो दुबले पतले से होते है, मोठे भी आते है लेकिन आज हम बात करेंगे दुबले पतले लोगोंके बारे में। उनका एक ही कहना होता है की मैडम हम बहुत खाते है, लेकिन हम ऐसे क्यों है। जी वो लोग सही बोलते है की वे ज्यादा खाते है, लेकिन खाया हुआ खाना ठीक से पचता नहीं है। इसीलिए आज मैं आपको चित्रकादि वटी(chitrakadi vati) के बारे में बताने वाली हूँ। चित्रकादि वटी को बनाया ही इसलिए है की, जो भी खाना हम सेवन करेंगे उसको अच्छे तरह से पचाया जा सके।

जो लोग कहते है की ज्यादा खाना खाने के बाद भी हम पतले क्यों है? उन लोगोंमे मैंने पाया की एक आम बात है, ९०% लोगोने कहा की उनका मल कच्चा तयार होके बाहर आता है। तो इस प्रकार की समस्या में यह औषधि का इस्तेमाल किया जाता है। इसके साथ यह औषधि और कुछ समस्या का हल है जैसे की आमवात।

यहा पर आपको एक बात जानना जरूरी है की, किसी भी रोगी को सबसे पहले आमवात की समस्या होती है , उसके शरीर में कहि पर भी दर्द शुरू हो जाता है। आमवात लगातार होने के बाद वह दर्द शरीर के जॉइंट्स को पकड़ लेता है, जैसे की घुटने का दर्द, कोहनी का दर्द इसे हम संधिवात कहते है। संधिवात के बाद आता है गठिया का दर्द जिसमे बहुत ज्यादा कठिनाइया होती है। तो इन सारी बीमारियोके इलाज के लिए आप चित्रकादि वटी का इस्तेमाल कर सकते हो।

घटक

चित्रकमूल (इसकी छाल का इस्तेमाल करते है )

पीपलमूल

सज्जीखार

सेन्धानमक

सोंचर नमक

कालानमक

सामुद्रनमक

सांभरनमक (यह झील के पानी से बनता है)

सोंठ

कालीमिर्च

छोटी पीपल

हींग

अजमोदा (इसके जगह पर आप अजवायन का भी प्रयोग कर सकते है)

चव्य

बिजोरा निम्बू

अनार का रस

बनाने की विधि

ऊपर बताये गए सभी चीजोंको १० ग्राम की मात्रा में लेना है। उन सभी चीजोंकी पाउडर बनाना है। निम्बू को काटकर एक छोटे बर्तन में उसका रस निकालो। दूसरे छोटे बर्तन में अनार का रस निकालो, अब अनार के रस में निम्बू का रस मिलाना है। सभी चीजोंकी पाउडर को एक दूसरे में मिक्स करना है। अब उस पाउडर में अनार का रस(जिसमे हमने निम्बू निचोड़ा है) मिलाना है।

ध्यान रहे कम से कम दो दिनों तक(जी हाँ दो दिनों तक) आपको इस मिश्रण को मिलाना है। मिश्रण बनाना है फिर सुखाना है फिर इसमें अनार का रस मिलाकर सुखाना है, ऐसा दो दिन करना है। फिर छोटी छोटी मूंगफली की आकर की गोलिया बनाकर इसे धुप में सुखाओ। आपकी चित्रकादि वटी हो गई तयार। मैं जानती हूँ इतने सारे घटक एक साथ इकट्ठा करना थोड़ा मुश्किल कार्य है, इसीलिए अच्छी क्वालिटी की गोली(chitrakadi vati) आप इस लिंक से खरीद सकते हो।

chitrakadi vati के बारे सबकुछ जानने के लिए यह वीडियो जरूर देखे।

Chitrakadi vati के फायदे-

आयुर्वेद में अग्नि का बड़ा विशेष महत्व है, पाचक अग्नि सही होने पर पेट हमेशा स्वस्थ रहता है। विरुद्ध आहार विहार का सेवन करना , दिनचर्या, ऋतुचर्या का पालन न करने पर अग्नि में बिगाड़ हो जाता है जिससे अग्निमांद्य की समस्या निर्माण हो जाती है। जिसके कारण भूक काम लगने लगती है, भोजन का अच्छी तरह से पाचन नहीं होता। जिसके कारण पाचनतंत्र में गड़बड़ी निर्माण होती है।

आमाशय में बिगाड होने पर भोजन का अच्छी तरह से परिपाक नहीं होता जिसके कारण ऑवयुक्त कच्चा मल दस्त के साथ निकलने लगता है इसका इलाज जल्दी से न करने पर पेट की बीमारियां निर्माण हो जाती है, ऐसे समय में अगर आप चित्रकादि वटी का सेवन करते है तो आप इस समस्या को जड़ से नष्ट कर सकते है।

इसके लिए आपको  हर रोज सुबह शाम चित्रकादि वटी की एक एक गोली गुनगुने पानी के साथ लेनी होगी। इसका सेवन करने से अग्नि प्रदीप्त हो जाता है जिससे भूक खुलकर लगने लगती है। भोजन का अच्छी तरह से परिपाक होने लगता है जिससे ऑव का बनना बिल्क़ुल बंद हो जाता है। पाचन शक्ति ठीक हो जाती है। ऑव पाचन के लिए चित्रकादि वटी बहुत ही गुणकारी औषधी है।

पेट की बीमारी

कुछ लोगों को अरुचि की समस्या होती है, भोजन करने की बिल्कुल इच्छा नहीं होती| ऐसे समय में भूक को बढ़ाने के लिए आप इस औषधी का सेवन कर सकते है इससे खुलकर भूक लगने लगती है।

कब्ज की समस्या में पेट अच्छी तरह से साफ नहीं होता जिसके कारण बार बार मल त्याग करने की इच्छा  होती है, मल त्याग करने में भी तकलीफ होती, इसके अलावा कब्ज के कारण कई पेट की बीमारिया हो सकती है , बार बार होनेवाले कब्ज के कारण बवासीर की समस्या निर्माण हो जाती है इन सबसे बचने के लिए आप चित्रकादि वटी का सेवन कर सकते है इससे आप का पेट हमेशा स्वस्थ रहेगा।

पेट में वात और कफ दोष का प्रकोप होने पर उदरशूल की समस्या निर्माण हो जाती है, जिसके कारण पेट में तीव्र दर्द होने लगता है इस समस्या का इलाज करने के लिए आप चित्रकादि वटी का सेवन कर सकते है।

पेट में गैस

कुछ लोगों को पेट में ज्यादा गैस बनने की समस्या होती है जिसके कारण उन्हें भोजन करने में भी डर लगता है, लेकिन उन्हें पता नहीं होता भूके पेट रहने पर भी पेट में वायु का प्रकोप हो जाता है और गैस की समस्या निर्माण होती है| इस समस्या का इलाज करने के लिए चित्रकादि वटी एक बहुत ही गुणकारी औषधि है। इसके सेवन करने से आपको जरूर लाभ होगा।

जिन लोगों को खाना खाने के बाद खट्टी डकारे आती है, भोजन पेट में पड़ा रहता है जिसके कारण पेट फूल जाता है जिससे उन्हें बैचेनी महसूस होने लगती है इन समस्या को ठीक करने के लिए ये औषधि बहुत ही लाभकारी है। उल्टी या  मतली की समस्या में आप इस औषधी का सेवन कर सकते है। यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन या पेशाब संबंधी समस्या का इलाज करने के लिए भी इस औषधि का उपयोग कर सकते है।

सावधानी

गर्भवती महिलाको इसका सेवन नहीं करना चाहिए। छोटे बच्चोंको भी इसका सेवन नहीं करना चाहिए। जिन लोगोंको गैस्ट्रिटिस की समस्या है उन्हें भी इस औषधि से दूर रहना चाहिए। हाइपरटेंशन के मरीजोंको भी इसका सेवन नहीं करना चाहिए। इसमें तरह तरह के नमक होते है जिसे ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा बढ़ता है।

chitrakadi vati की मात्रा

५०० MG की एक एक गोली सुबह शाम गुनगुने पानी के साथ ले सकते है।

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