छोटे बच्चों को सुलाने के लिए लोरी

11

नींद शिशुओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। आमतौर पर, नवजात शिशु दिन और रात के दौरान नियमित अंतराल पर 16 से 18 घंटे सोता है। छोटे बच्चों को सुलाने के लिए लोरी के नाम कुछ इस प्रकार है | 

  • चंदा मामा दूर के
  • निंदिया आ जा री
  • नींद भरे, पंख लिए, झूला झुला जाना
  • गुड़िया रानी बिटिया रानी
  • लल्ला लल्ला लोरी

छोटे बच्चों को सुलाने के तरिके 

छोटे बच्चों को सुलाना बहुत ही मुश्किल काम होता है। छोटे बच्चे जितना ज्यादा सोते हैं, उतना ही स्वस्थ बनते हैं इसलिए उन्हें अच्छी नींद दिलाने की कोशिश करें।

अपने बच्चों के लिए एक स्थान या एक कमरा निर्धारित कर दें और उसमें सबसे अच्छी जगह पर अपना बिस्तर लगाए और उसी जगह पर बच्चे को सुलाए। 

बच्चों को सुलाने का समय निश्चित करें और उसी समय बच्चोंको सुलाए। उन्हें बार बार सुलाने की कोशिश बिल्कुल ना करें, उन्हें समय परसुलाए। ताकि वह रात में जागकर परेशान ना हो। 

बच्चे को तंग कपड़े बिल्कुल भी ना पहनाए। सोने के दौरान उन्हें हल्के और ढीले कपड़े पहनाए। रात के दौरान नाइट सूट पहना कर सुलाए।

बच्चे भूखे होने पर भी नहीं सोते। इसलिए सबसे पहले उन्हें पीने के लिए दूध दो या फिर खाने के लिए कुछ आहार दे दो। उसके बाद भी उन्हें सुलाए। इससे उन्हें बहुत अच्छी नींद आएगी।

छोटे बच्चों को नाक साफ करके ही सुलाए। इससे उनकी नाक बंद नहीं होगी और उन्हें सांस लेने में भी दिक्कत नहीं होगी। बच्चों को जहां भी सुलाए वहां का वातावरण शांत होना चाहिए। ज्यादा शोर शराबे में भी बच्चे नहीं सो पाते। बच्चों को सोते समय उन्हें हल्की रोशनी में सुलाए। ज्यादा अंधेरे में बच्चे अच्छे से नहीं सो पाते।

बच्चों को कंबल ओढ़ने दे और उनके सिर पर हाथ फेरे ताकि उन्हें ऐसा लगे कि आप उनके पास ही है। अगर आपके बच्चे को धूल या किसी अन्य चीजों से एलर्जी है तो उस चीज को वहां से हटा दे l 

बच्चे को जहां पर भी सुनाए और जहां का तापमान सही होना चाहिए। बच्चे को सुलाने से पहले हल्की मसाज करें। इससे बच्चों को अच्छी नींद आएगी।

जब बच्चे के सोने का समय होता है तो आप कोई हलका म्यूजिक बजा सकते हैं या फिर लोरी गा सकते हैं। इससे बच्चे का मन शांत होगा और वह आसानी से सो जाएगा। बच्चे को गोद में लेकर धीरे धीरे झूला झुलाए। इससे भी  बच्चl जल्दी सो जाएगा।

बच्चों को सुलाने से पहले उनको अच्छे से नहलाए। नहलाए से पहले बच्चे को दूध पिलाए, उनके शरीर के तेल से अच्छे मालिश करें, इसके बाद हल्के गर्म पानी से बच्चों को नहलाए। बच्चे का शरीर पोछकर उसे गर्म कपड़े से सेके फिर एक कपड़े में अच्छे से लपेट कर बच्चे को सुलाए।

कुछ लोग बच्चे को सर्दी जुखाम हो जाएगा इसलिए हर रोज नहलाते नहीं हैं, लेकिन इससे बच्चा एक्टिव नहीं बनता,  बच्चे को हररोज नहलाना बहुत ही जरूरी है।

आयुर्वेदा का फेसबुक पेज लाइक करना मत भूलना।

और पढ़े –

Leave A Reply

Your email address will not be published.