इंप्लांटेशन ब्लीडिंग

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इंप्लांटेशन ब्लीडिंग और पीरियड्स में क्या अंतर है?

आमतौर पर प्रत्यारोपण के बाद होने वाला रक्तस्राव याने की इंप्लांटेशन ब्लीडिंग महिलाओं के सामान्य मासिक धर्म से काफी अलग होती है | 

लेकिन यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि मासिक धर्म के दौरान सभी महिलाओं को एक जैसी ब्लीडिंग नहीं होती | 

याने की कुछ महिलाओं को अधिक तो कुछ महिलाओं को कम ब्लीडिंग होती है। 

मासिक धर्म के दौरान होने वाली बिल्डिंग में खून का रंग गहरा लाल होता है, जबकि इंप्लांटेशन ब्लीडिंग में खून का रंग हल्का भूरा याने की गुलाबी होता है।

महावारी के दौरान खून थक्के के रूप में निकलता है। जबकि इंप्लांटेशन ब्लीडिंग के दौरान पतला खून निकलता है। 

पीरियड के दौरान ब्लीडिंग होने पर महिलाओं को पैड या टेंपल लगाने की जरूरत पड़ती है। 

जबकि इंप्लांटेशन ब्लीडिंग इतनी हल्की होती है कि कभी-कभी इसका पता ही नहीं चल पाता और पेड़ लगाने की जरूरत नहीं पड़ती | 

महावारी कई दिनों तक होती है और इस दौरान ब्लीडिंग भी ज्यादा होती है। जबकि इंप्लांटेशन ब्लीडिंग बहुत ही हल्की और मात्र ही कुछ घंटे या दिन की होती है। 

इंप्लांटेशन ब्लीडिंग सामान्य तौर पर ओवुलेशन के 10 दिन बाद होती है। जबकि मासिक धर्म के 14 दिन बाद होता है। 

इंप्लांटेशन के दौरान जब भ्रूण गर्भाशय से जुड़ता है, तो पेट में हल्का दर्द होता है। जबकि मासिक धर्म के दौरान पेट में बहुत तेज दर्द और पूरे शरीर में ऐंठन होती है।

इंप्लांटेशन ब्लीडिंग क्यों होती है और इसके लक्षण

जब 6 से 12 दिन पुराना निषेचित अंडा महिलाओं के गर्भाशय की आंतरिक परत में प्रत्यारोपित हो जाता है। 

तब महिला को हल्की ब्लीडिंग होती है। 

इसे इंप्लांटेशन ब्लीडिंग या आरोपण रक्तस्राव कहा जाता है | 

आमतौर पर यह ब्लीडिंग अंडों के इधर उधर की गति के कारण होती है, जो की पूरी तरह से सामान्य मानी जाती है। 

गर्भावस्था की शुरुआत में हर तीसरी महिला को इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग होती है। 

आमतौर पर यह बिल्डिंग पीरियड्स के समय या कुछ दिन पहले होती है | जिसके कारण कुछ महिलाएं इस बात को लेकर भ्रम में रहती है, की उन्हें इंप्लांटेशन ब्लीडिंग हो रही है या मासिक धर्म | 

आमतौर पर इंप्लांटेशन ब्लीडिंग महिलाओं को गर्भावस्था की शुरुआत में होती है। लेकिन यह जरूरी नहीं है कि सभी महिलाओं को इंप्लांटेशन ब्लीडिंग हो | 

ज्यादातर मामलों इंप्लांटेशन ब्लीडिंग कुछ घंटों तक की होती है, लेकिन कभी-कभी या 3 दिनों तक भी हो सकती है।

यदि आपकी योनि से भूरा या गुलाबी रंग का बॉटनिकल रहा है तो यह इंप्लांटेशन ब्लीडिंग के लक्षण है | पेट में हल्का और भारी दर्द होना, मूड खराब होना, सिर दर्द होना, कुछ घंटों तक लगातार चिपचिपा पदार्थ निकलना, योनि से हल्का खून निकलना और फिर बंद हो जाना, शरीर का तापमान बढ़ जाना, योनि में सनसनाहट का अनुभव होना।

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