आयोडीन

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आयोडीन हमारे शरीर के लिए आवश्यक तत्व है जो हमारे शारीरिक वृद्धि और विकास के लिए महत्वपूर्ण है। आयोडीन मानव शरीर में थायराइड ग्रंथि उनके कामकाज को नियंत्रित करता है जिनका हमारी मेटाबोलिक प्रक्रिया पर महत्वपूर्ण प्रभाव होता है। 

आयोडीन शरीर से विषाक्त पदार्थों को हटाने का काम करता है। मानव शरीर में लगभग 60% आयोडीन थायराइड ग्रंथि में संग्रहित होता हैl गर्भावस्था के दौरान बहुत ही लाभकारी है।

बढ़ते शिशु के दिमाग के विकास के लिए और थायराइड ग्रंथि को सुचारु करने के लिए आयोडीन बहुत ही जरूरी है। आयोडीन शरीर के तापमान को नियंत्रित रखता है।

आयोडीन के स्त्रोत

दाल, अनाज, दूध, मछली,समुद्री भोजन आयोडीन के अच्छे स्रोत हैं। इसके अलावा माँस, अंडे में भरपूर मात्रा में आयोडीन होता है। आलू, दूध, मनुका, नमक, दही, ब्राउनराइस, लहसुन, मशरूम, पालक में भी आयोडीन की अच्छी मात्रा मौजूद होती है।

आयोडीन कमी के लक्षण आयोडीन की कमी से हमारे शरीर पर गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं। जैसे हताशा,अवसाद, त्वचा का रूखापन, नाख़ून और बालों का टूटना, कब्ज, कर्कश आवाज इसके अलावा आयोडीन की कमी से वजन 

बढ़ सकता है |

रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है। ठंड बर्दाश्त नहीं हो पाती। प्रजनन क्षमता में कमी त्वचा मोटी हो जाती है, थकान आ सकती है। आयोडीन की कमी से मस्तिष्क का धीमा होना या दिमाग की क्षति जैसी बीमारी हो सकती है।

आयोडीन की कमी से चेहरा सूज जाता है। गले में सूजन आ सकती है। 

थायराइड की कमी और मस्तिष्क की कार्य प्रणाली में बाधा आती है।

आयोडीन शरीर में ऊर्जा के स्तर को बनाए रखता है। आयोडीन स्वस्थ और चमकदार त्वचा बालों के लिए बहुत ही लाभदायक है।

आयोडीन प्रजनन अंगों का विकास करता है। गर्भवती महिलाओं में आयोडीन की पर्याप्त मात्रा के सेवन से मृत प्रसव समस्या नहीं होती।

यह बच्चों में बोलने और सुनने की क्षमता को बढ़ाता है। आयोडीन हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है।

यह हमें ह्रदय रोग और कैंसर के खतरे से बचाता है।

आयोडीन हार्मोन गतिविधि को बढ़ाता है जिससे वजन और वसा कम करने में हेल्प मिलती है। आयोडीन थायराइड हार्मोन के निर्माण में हेल्प करके थाइरोइड कार्य के ग्रंथी में सुधार करता है जिससे शरीर का चयापचय दर नियंत्रित करने में हेल्प मिलती है।

आयोडीन की कमी से होने वाले नुकसान

गर्भवती महिलाओं में आयोडीन की कमी से गर्भपात हो सकता है। नवजात शिशुओं का वजन कम हो सकता है। शिशु मृत पैदा हो सकता है। जन्म लेने के बाद शिशु की मृत्यु हो सकती है l 

शिशु में आयोडीन की कमी से विकास संबंधी समस्या जैसे मस्तिष्क का धीमा चलना, शरीर का विकास कम होना, देर से जवानी आने, सुनने, बोलने और समज़ने में दिक्क्त हो सकती है l आयोडीन की कमी से मानसिक कमजोरी निर्माण हो सकती हैl 

आयोडीन की अधिक मात्रा से होने वाले नुकसान

अधिक मात्रा में आयोडीन सेवन करने से पेट में दर्द और दस्त उल्टी जैसी समस्या हो सकती है l इसके अलावा मुंह और गले में जलन हो सकती है l अत्यधिक मात्रा में आयोडीन थाइरोइड हॉर्मोन के साथ हस्तक्षेप करता है जिससे हाइपोथायरायडिज्म की समस्या हो सकती है |

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