लवंगादि वटी

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लौंग को कई साल से हम मसालों के रूप में इस्तेमाल कर रहे है | भोजन का स्वाद बढ़ानेवाली ये चीज है तो बहुत ही काम की | मसालों में लौंग का बड़ा विशेष महत्व होता है |  इसका स्वाद तीखा होता है | इसकी तासीर गर्म होती है | लौंग कफ दोष को संतुलित करने का  काम करती है | 

लौंग का इस्तेमाल करके लवंगादि वटी को बनाया जाता है | वटी याने की गोली, जिसे आजकल हम टेबलेट कहते है ऐसी गोलियों को आयुर्वेद में वटी कहा जाता है |

लवंगादि वटी में एंटीबैक्टीरियल, कामोद्दीपक, ज्वरनाशक जैसे गुण मौजूद होते है | 

लवंगादि वटी के घटक

लौंग, बहेड़ा, पीपल, दालचीनी, खैरसार, मुलेठी सत्व, मनुक्का, दाड़िम त्वक, काकड़ा सिंगी, आक के फूल, नौसादर, कपूर, सुहागे की खील इस तरह के कई सारे घटक इसमे मौजूद होते है |  

लवंगादि वटी के फायदे

श्वसन प्रणाली से संबंधित समस्याओं का इलाज करने के लिए लवंगादि वटी बहुत ही लाभकारी है | ये औषधी  वात और कफ दोष को कम करती है और पित्त को बढ़ती है |  

गले में सूजन होना, गले का रंग लाल होना, गले में खराश होना जैसी समस्या में लवंगादि वटी बहुत ही लाभकारी है |  इसके सेवन से गले की सूजन, खराश ठीक हो जाती है |  

ये औषधी साँस को को ताजा रखने का काम करती है | पाचन संस्था को मजबूत बनाती है | इसमें दीपन और पाचन गुण होते है जो भूक को बढ़ाने का काम करते है |  

अस्थमा की समस्या में श्वसनप्रणाली में सूजन आती है, जिसके कारण अस्थमा से परेशान लोगों को साँस लेने में दिक्क़त होती है | लवंगादि वटी के सेवन से श्वसनप्रणाली की सूजन ठीक हो जाती है | जिससे अस्थमा में बहुत ही आराम मिलता है |

जिन लोगों को कफ की समस्या है, साँस नली में कफ जम जाता है, कफ बाहर नहीं निकलता जिसके कारन साँस फूल जाती है | साँस लेने में तकलीफ़ होती है, ऐसे लोगों को लवंगादि वटी का सेवन जरूर करना चाहिए | 

इसके सेवन से कफ ढीला हो जाता है | कफ बाहर निकालने में मदद मिलती है,  जिससे सांस नली साफ हो जाती है और कफ की समस्या में आराम मिलता है |

बार बार आनेवाली सुखी खांसी या गीली खासी के लिए लवंगादि  वटी एक उत्तम औषधि है | इस औषधि का सेवन करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता  बढ़ने लगती है |  

जुकाम फ्लू की समस्या में भी लवंगादि वटी बहुत ही गुणकारी है |   

लवंगादि वटी की मात्रा

लवंगादि वटी की १ -१ गोली दिन में ५ -७ बार मुँह में रखकर चूसने से फायदा होगा |

इस गोली को पानी के साथ निगलना नहीं है, इसे चूसने से ही फायदा होगा |

इस वटी को चूसने के बाद २ घंटे में ही आपको असर दिखने लगेगा |

इसकी एक गोली को आप २ घंटे मुँह में रख सकते है |

इस औषधि का स्वाद तीखा होने के वजह से छोटे बच्चों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए या बहुत ही कम मात्रा में करना चाहिए |  

बाकि लोग इसका सेवन कर  सकते है इससे कोई भी नुकसान नहीं  होगा |

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