लहसुन के औषधीय गुण

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लहसुन मसाले के रूप में पूरे भारत में इस्तेमाल किया जाता है। लहसुन (Garlic) प्याज कुल (एलिएसी) की एक प्रजाति है। इसका वैज्ञानिक नाम एलियम सैटिवम एल है।

लहसुन एक नगदी फसल है। इसकी खेती पूरे भारतवर्ष में की जाती है।लहसुन की खेती मुख्यतः रबी मौसम में होते हैं | इसकी खेती किसी भी प्रकार की जमीन में की जा सकती है। 

भारत में इसकी मुख्य रूप से खेती गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और तमिलनाडु में की जाती है | इसकी बुवाई का सही समय उसके क्षेत्र, जगह और मिट्टी पर निर्भर करता है |

लहसुन विटामिन-सी, फॉस्फोरस, मैंगनीज, जस्ता, कैल्शियम और लोहा जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसके अलावा इसमें थोड़ी मात्रा में प्रोटीन और थायमिन और पैण्टोथेनिक एसिड जैसे तत्व मौजूद होते हैं।

लहसुन गर्म, पाचक, रेचक,  पुष्टिवर्धक, वीर्यवर्धक है। लहसुन मेधा शक्ति वर्धक है। लहसुन में विटामिन बी6 होता है जो इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है l

इसमें कैल्शियम होता है जो हमें आर्थराइटिस जैसी बीमारी से दूर रखता है l इसमें आयोडीन होता है जो थायरॉइड को नार्मल रखता है l

लहसुन में सेलेनियम होता है जो इनफर्टिलिटी की प्रॉब्लम को दूर करता है l लहसुन में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो अल्जाइमर डिमेंशिया जैसी प्रॉब्लम को दूर रखते है |

लहसुन कीटाणुरोधी,  जीवाणुरोधी,  एंटीसेप्टिक जंतुनाशक रूप में कार्य करता है l लहसुन में. एल्बम सल्फाइड होता है जो कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से दूर रखता है l 

लहसुन विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालता है और मूत्रवर्धक के रूप में काम करता है l पानी और कच्चा लहसुन खाने से शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते है l

जिन्हें दिल की बीमारी हो उनके लिए लहसुन बहुत फायदेमंद होता है यह कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम करके हार्ट अटैक और हार्ट ब्लॉकेज को रोकता है l 

अगर आपको शुगर की बीमारी है तो आपको एक लहसुन हर दिन खाना चाहिए यह खून में इंसुलिन के स्तर को बढ़ाता है जिससे शरीर स्वस्थ रहता है

मुंह के छाले कम करने के लिए ताजा लहसुन सीधे छालों पर रख दे l शरीर में खुजली आना, सोरायसिस जैसी स्किन डिजीज में आप लहसुन का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं l  

खांसी, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ होना, अस्थमा जैसी बीमारी में गार्लिक सिरप यूज़ कर सकते हैं l पीलिया, वीकनेस, कन्वोलूशन की बीमारी में लहसुन का इस्तेमाल कर सकते हैं l 

अपने पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के लिए हर दिन खाना खाने के बाद लहसुन के कुछ कमियां जरूर खाएं l 

बुखार को कम करने के लिए लहसुन फायदेमंद होता है | 

अगर आपके कान में संक्रमण या दर्द हो तो लहसुन का तेल हल्का सा गर्म करके दो बूंदें कानों में डालें | यह कान के बैक्टीरिया को मार कर बाहर निकाल देगा l

लहसुन को लौंग के साथ पीसकर दांत दर्द वाले हिस्से में लगाने से दर्द कम हो जाता है l गर्भावस्था के दौरान लहसुन खाना मां और बच्चा दोनों के स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है l

अगर आप बालों के गिरने की समस्या से परेशान हैं तो लहसुन का तेल बालों को लगाए | थोड़ी देर बाद बाल धो लें l हेयर ग्रोथ के लिए डैंड्रफ की समस्या से छुटकारा पाने के लिए गार्लिक शैंपू यूज कर सकते हैं l लहसुन बॉडिवेट नार्मल करने में भी सहायता करता है |

लहसुन किसे नहीं खाना चाहिए

जब हीमोग्लोबिन कम हो जाता है  

अगर आप के खून में हीमोग्लोबिन की कमी है, तो लहसुन का सेवन आपके लिए ठीक नहीं है | इसका कारण है कि  एनीमिया जो लहसुन के अधिक सेवन के कारण आपको अपनी चपेट में ले सकता है |  

लो ब्लड प्रेशर की समस्या होने पर आपको लहसुन का सेवन कम कर देना चाहिए या फिर नहीं करना चाहिए |  

लहसुन ब्लड प्रेशर को कम करता है, जो आपकी सेहत के लिए ठीक नहीं है | अगर आपको पेट में अल्सर की समस्या है तो आप के लिए लहसुन का सेवन करना हानिकारक हो सकता है |  

अगर कोई महिला गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन कर रही है, तो भी लहसुन का अधिक सेवन हानिकारक हो सकता है | 

दरअसल यह दोनों मिलकर शरीर में गड़बड़ी पैदा करते हैं जो पेट को नुकसान पहुंचा सकता है |  

अगर आप गर्भवती है तो भी आपको लहसुन का सेवन सोच समझ कर करना चाहिए क्योंकि लहसुन में बहुत ज्यादा गर्मी होती है |

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