माजूफल के फायदे बताएं

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माजूफल जिसका वैज्ञानिक नाम मंजाकनी है जिसे गैल ट्री, गैल ओक, मस्‍की आदि नामों से जाना जाता है। आयुर्वेदिक दवा में यह बहुत ही महत्‍वपूर्ण औषधीय पौधा है l यह दस्‍त, ल्‍यूकोरिया, गर्भाशय की सूजन, गुदा सूजन और त्‍वचा ऊतकों को कसने में मदद करता है। यहां आपको माजूफल के फायदे बताएं जाएंगे |

जब ओक पेड़ की पत्तियों पर ततैया(insect) अपना घर बनाते हैं और अपने लार्वा जमा करते हैं | जिसकी रासायनिक प्रतिक्रिया ट्यूमर की तरह असामान्‍यता का कारण बनती है, और पेड़ मंजाकनी नामक कठोर आकार वाली गेंदों का उत्‍पादन करती है। इसके निर्माण में 5 से 6 माह तक लग सकते हैं। जिसे ही भारत में माजूफल के नाम से जाना जाता है।

माजूफल स्वाद में कषाय, गुण में रुखा, रुक्ष और हल्का है | स्वभाव में ठंडा एवं कटु विपाक है | यह स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अच्‍छा होता है | इसमें गैलिक एसिड और टैनिक एसिड की अच्‍छी मात्रा होती है।  

माजूफल में टैनिक एसिड अच्छी मात्रा में होता है, जो अस्थमा और मधुमेह को रोकने में हेल्प करता है। इसके लिए आप माजूफल की चाय पी सकते हैं। यह आपके शरीर में अतिरिक्त शर्करा को नियंत्रित करके आपको मधुमेह से बचाता है।

प्रसव के बाद महिलाओं में स्तन और योनि के ढीलेपन की समस्या होती है। ऐसी स्थिति में माजूफल का सेवन करने से स्तन और योनि को टाइट करने में हेल्प मिलती है।

माजूफल के चूर्ण को एक गिलास पानी में मिलाकर इसे उबालेl पानी गुनगुना होने पर इससे माउथवॉश करें। इस उपाय को करने से मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं। साथ ही इससे मुंह की दुर्गंध भी नष्ट हो जाती है।

माजूफल में भरपूर मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट मौजूद होता है। यह महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर से बचाता है।

त्वचा को स्वस्थ और सुंदर बनाने के लिए आप माजूफल का उपयोग कर सकते हैं। एक चुटकी माजूफल चूर्ण को आधा कप पानी में मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से त्वचा का रंग गोरा बनने लगता है और त्वचा की अन्य समस्या भी ठीक हो जाती है। साथ ही इसके सेवन से आपका वजन भी कम होने लगता है।

माजूफल में एस्ट्रिजेंट तत्व पाए जाते है, जो स्किन के रोगों में लाभदायक होये है मुहासे कील, रेसिश, रूखापन इससे दूर होता है आप इसकी पेस्ट बना कर चेहरे पर लगाये।

त्‍वचा में कसाव लाने के लिए यह एक अद्भुत जड़ी बूटी है। यह चेहरे या योनि की कसाबट को बनाए रखने में मदद करता है। इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट अधिक मात्रा में पाये जाते हैं जो कि समय से पहले आने वाले बुढ़ापे के लक्षणों को कम करने में मदद करता है।

2 ग्राम माजूफल और 6 ग्राम फिटकरी को पानी में पीसकर अंडकोष पर लेप करे | 15 दिन लेप करने से अण्डकोषों में भरा पानी सही हो जाता है |

10-10 ग्राम माजूफल और असगंध लेकर पानी के साथ पीस लें, फिर इसे थोड़ा-सा गर्म करके अण्डकोष पर बांधे | इससे अंडकोष की सूजन मिट जाती है|

सफेद पानी की समस्या में माजूफल और फिटकरी के काढ़े से योनि के साथ करें। कुछ ही दिनों में इस समस्या से आप को मुक्ति मिलेगी।

माजूफल के चूर्ण एंटीमाइक्रोबियल्स और एंटी इन्फ्लैमटॉरी गुण मौजूद होते हैं। यह दांत दर्द और मसूड़ों की सूजन को कम करता है। इसके लिए माजूफल, काला नमक, नीम पाउडर और बबूल की छाल का चूर्ण इन सब को एक साथ मिलाकर इस का मिश्रण तैयार करें और इससे दंत मंजन करें। 

यह मसूड़ों के संक्रमण और मसूड़ों से रक्तस्राव को कम करता है।इसके बंधनकारी और एंटीमिक्राबियल और एंटी-इंफ्लामेट्री कार्यों के कारण पायरिया के इलाज के लिए सहायक होता है।

1 गिलास पानी में माजूफल पीसकर डालें और 10 मिनट तक उबाल ले | ठंडा होने के बाद इससे मलद्वार को धोयें इससे मलद्वार का बाहर निकलना और बवासीर का दर्द दूर होता है|

माजूफल में एंटीडायरियल गुण होते हैं। यह पेट के सभी विकारों को ठीक करता है। इसके लिए एक छोटा चम्मच दालचीनी चूर्ण और एक छोटा चम्मच माजूफल चूर्ण को शहद के साथ मिलाकर लेने से पेट से संबंधित समस्या ठीक हो जाती है।

खालित्य में माजूफल को सिरके के साथ पीसकर सिर पर लगाने से खालित्य में लाभ होता है। माजूफल चूर्ण का नस्य लेने से नकसीर यानी कि नाक से खून बहने की में लाभ होता है।

गर्भाशय संक्रमण और असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव के लिए भी यह बहुत ही उपयोगी है। 1-2 ग्राम की मात्रा में माजूफल का चूर्ण ताजे पानी के साथ सुबह-शाम सेवन करने से श्वेतप्रदर ठीक हो जाता है|

1 माजूफल के टुकड़े को सुपारी की तरह चबाते रहने से मुंह के छाले और दाने खत्म हो जाते है|

माजूफल के नुकसान

आपको इसे कम मात्रा में सेवन करना चाहिए, फिर धीरे-धीरे इसकी मात्रा को बढ़ाना चाहिए। यदि आप शुरूआत में ही इसकी अधिक मात्रा का सेवन करते हैं तो इससे कुछ नुकसान हो सकते हैं।

गर्भावस्‍था के समय इसका इस्‍तेमाल नहीं करना चाहिए क्‍योंकि इससे गर्भापात हो सकता है।

अगर इसका कोई दुष्‍प्रभाव होता है तो इसका उपयोग करना तुरंत ही बंद कर देना चाहिए।

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