शादी के बाद महिलाओं का मोटापा कम करने के उपाय | महिलाओं में मोटापा के कारण

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ज्यादातर कपल शादी के 2 साल के अंदर फैमिली प्लान कर लेते हैं। 

ज्यादातर महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान बढ़े हुए वजन को, बच्चे के जन्म के बाद भी कम करने की कोशिश नहीं करते |  जिसके कारण उनका वजन बढ़ने लगता है |  

शादी के बाद कई महिलाओं के लिए नए माहौल में ढलना मुश्किल हो जाता है। जिसके कारण वह तनाव में रहने लगती है और ज्यादा मात्रा में खाना खाने लगती है |  

जिसके कारण उनका वजन तेजी से बढ़ने लगता है |  शादी के बाद बदली हुई लाइफस्टाइल के कारण बॉडी में कई हार्मोन बदल जाते हैं। 

यह वजन बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होते हैं |  

शादी के बाद ज्यादातर महिलाओं का सोने का टाइम बदल जाता है | 

कई बार महिलाएं बहुत ज्यादा सोती है या कई बार उनकी नींद पूरी नहीं होती | जिसके कारण उनका वजन बढ़ने लगता है | 

शादी के बाद महिलाओं की प्राथमिकताएं बदल जाती है, जिसके कारण और खुद पर ध्यान नहीं दे पाती और उनका वजन बढ़ने लगता है |  

कई बार बाहर का ज्यादा खाने से भी वजन बढ़ने लगता है | 

ज्यादातर महिलाएं 30 की उम्र के बाद शादी करती है। इसके बाद बॉडी का मेटाबॉलिज्म रेट कम हो जाता है, जिसके कारण वजन बढ़ने लगता है |  

ज्यादातर महिलाएं शादी के बाद बहुत ही ज्यादा टीवी देखना पसंद करती है। जिसकी वजह से उनका वजन बढ़ने लगता है |  

शादी के पहले लड़कियां अच्छा दिखने के लिए बहुत कोशिश करती है | खाने पीने का विशेष ध्यान देती है। लेकिन शादी के बाद यह सभी चीजें नहीं हो पाती है।

महिलाओं का मोटापा कम करने के उपाय

रात में एक गिलास गर्म पानी में तीन चम्मच सौंफ डालकर रख दें। सुबह इस पानी को छानकर पीएं | 

रोज सुबह खाली पेट एक छोटा चम्मच हल्दी पाउडर खाकर गुनगुना पानी पीएं |  

रोज सुबह खाली पेट कच्चा टमाटर खाए, जिससे भू कंट्रोल करने और वजन घटाने में हेल्प मिलती है।

रोज एक छोटा टुकड़ा अदरक चूसे या खाने से पहले एक छोटा चम्मच अदरक का रस थोड़े से काले नमक के साथ ले ले |  

खाने में ज्यादा मात्रा में मिर्ची शामिल करें। इससे आपका वजन घटाने में मदद होगी |  

रोज सुबह खाली पेट एक छोटा चम्मच एलोवेरा और आंवले का जूस मिलाकर पिएं | इसके बाद एक गिलास पानी पिए।

गर्भ ठहरने के लिए क्या करना चाहिए?

गर्भधारण करने से पहले गर्भ पूर्व स्वास्थ्य देखभाल के बारे में आप अपने डॉक्टर से बात करें। 

आप की पहली डिलीवरी, टीकाकरण, वर्तमान दवाइयां या कोई बीमारी सभी चीजों के बारे में अपने डॉक्टर के साथ चर्चा करें | 

बच्चे को अनुवांशिक बीमारियों से बचाने के लिए अपने परिवार के साथ इतिहास को एकत्रित करें। 

अगर परिवार में कुछ अनुवांशिक बीमारियों का इतिहास है, तो बच्चों को इसे बचाने के लिए जो भी इन्वेस्टिगेशन जरूरी है वह करें | 

गर्भावस्था से 6 महीने पहले या कम से कम एक दो महीने पहले फोलिक एसिड की एक गोली रोज लेना जरूरी है | 

यह बच्चे के मस्तिष्क और रीड के दोषों को रोकने में हेल्प कर सकता है। 

अगर किसी महिला को धूम्रपान करने की, शराब पीने की, नशीली दवाओं का सेवन करने की आदत है तो, गर्भधारण के पहले इस आदत को बंद करना होगा। 

इससे बच्चे में जन्म दोष, समय से पहले जन्मा शिशु की मृत्यु जैसी समस्या हो सकती है। 

जिन महिलाओं का वजन बहुत ज्यादा है, उन्हें गर्भावस्था के पहले अपना वजन कम करने की जरूरत है और जिन महिलाओं का वजन बहुत कम है, उन्हें वजन बढ़ाने की जरूरत है। 

गर्भधारणा के लिए आपको अपने साथी की भी जांच करना होगी। 

घर पर या काम पर जहरीले पदार्थ और अन्य पर्यावरण दूषित पदार्थ हानिकारक पदार्थ से बच्चे जैसे कृत्रिम रसायन से खुदको दूर रखे |

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