रजोनिवृत्ति

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रजोनिवृत्ति क्या है

एक उम्र के बाद महिलाओं का मासिक धर्म रुक जाता है। इस प्रक्रिया को रजोनिवृत्ति कहते हैं। आमतौर पर 40 या 50 वर्ष की आयु के बाद महिलाओं में मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) आता है। कुछ महिलाओं को 30 से 40 वर्ष के बीच में मेनोपॉज की स्थिति आ जाती है। इस स्थिति को प्री-मेनोपॉज कहते हैं।

रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं के शरीर में कई बदलाव होने लगते हैं। इस तरह रजोनिवृत्ति के पहले भी आपका शरीर आपको कई संकेत देने लगता है। रात को पसीना आना रजोनिवृत्ति का प्रमुख लक्षण है। कई महिलाओं को रात में अचानक ठंड लगती है और साथ में तेज पसीना भी आ जाता है।

रजोनिवृत्ति के लक्षण

मनोदशा में परिवर्तन आना भी रजोनिवृत्ति का ही एक लक्षण है। महिलाओं का स्वभाव चाहे कुछ भी हो रजोनिवृत्ति के दौरान स्वभाव में बदल आ जाता है। ऐसे वक्त में आपको रोना आ सकता है।अत्याधिक गुस्सा आ सकता है।अत्याधिक खुशि यां दुख हो सकता है।

इस दौरान महिला पहले से भी अधिक चिंता करने लगती हैl जो चीजें आप पहले आसानी से करते थे उन्हें करने में भी आपको चिंता हो सकती है या आपकी चिंता बढ़ सकती है। 

आप पहले से भी ज्यादा सोचने लगती है। कई महिलाओं को हॉट फ्लैशेस की समस्या हो सकती है। इसमें चेहरा छाती की और रक्त का प्रवाह तेजी से होने लगता है। आपको छूने पर गरम महसूस होगा। लाल दिखाई देगाl

कभी-कभी इस दौरान पसीना भी आ सकता है। रजोनिवृत्ति के दौरान महिलाओं को थकान की भी समस्या हो सकती है। अच्छा आहार पूरी नींद लेने के बावजूद भी महिलाओं को थकान आने लगती है।

दैनिक कार्य करने के लिए भी महिलाओं के पास एनर्जी नहीं रहती। वह खुद को बहुत थका हुआ महसूस करती है।

इस दौरान शरीर में हार्मोन का स्तर कम हो जाता है और महिलाओं में कामेच्छा में कमी आ जाती है। हार्मोन्स में होने वाले बदलाव का असर महिला के स्तनों पर भी पड़ने लगता है जिसके कारण स्तन बहुत ही कोमल हो जाते हैं। 

उनमे दर्द होने लगता हैं।निवृत्ति के दौरान कई महिलाओं को सिरदर्द की समस्या भी हो सकती है जिसके कारण उनको बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है। रजोनिवृत्ति के दौरान हार्मोन का स्तर बदल जाता है।एस्ट्रोजन की मात्रा कम हो जाती है। इस कारण महिलाओं की योनि शुष्क हो जाती है और वह बहुत ही असहज महसूस करने लगती है।

इस दौरान महिलाओं का वजन बढ़ने लगता है। बाल पतले होने लगते हैं। बालों का गिरना बढ़ जाता है। हार्मोन में बदलाव, रात में पसीना, हॉट फ्लैशेस के कारण महिलाओं को नींद न आने की समस्या निर्माण हो सकती है।

महिलाओं के जोड़ों में दर्द हो सकता है। हृदय की धड़कन तेज होने लगती है। नींद में कमी और एस्ट्रोजन की कमी के कारण महिला की चीजों को भूल जाती है।

रजोनिवृत्ति के समय होनेवाले हार्मोनल बदलाव के कारण महिलाओं में कमजोरी आ जाती है इसलिए पौष्टिक समतोल आहार लेना बेहद जरुरी होता हैं।

कुछ महिलाओं में इस दौरान पाचन संबंधी समस्याओं निर्माण हो सकती है। उन्हें कब्ज, उल्टी, मतली की समस्या निर्माण होती हैं। महिलाओं की पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है जिसकी वजह से उन्हें पेट संबंधी समस्या निर्माण हो सकती हैं। कुछ स्त्रियों को तो इस समय के बाद शरीर पर झुर्रियां पड़ने लगती हैं।

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