सोयाबीन खाने के फायदे

58

सोयाबीन एक महत्वपूर्ण खाद्य पदार्थ है। सोयाबीन एक प्रकार की फसल है जो उगाई जाती है। सोयाबीन के पौधे पर फलिया लगती है जिनसे सोयाबीन दानों को निकालकर प्रयोग किया जाता है। सोयाबीन की बढ़िया और मखाने बनाए जाते हैं और इनका प्रयोग सब्जी बनाने में किया जाता हैl

वैज्ञानिक नाम => ग्लाइसीन मैक्स

100 ग्राम सोयाबीन के पोषक तत्व

  • कैलोरी – 446 mg 
  • फैट-2 gm 
  • प्रोटीन – 36 gm
  • सोडियम- 2 mg
  • पोटेशियम- 1797 mg 
  • कार्बोहाइड्रेट- 30 gm

सोयाबीन के फायदे 

सोयाबीन का इस्तेमाल आप कई प्रकार से कर सकते हैं। सोयाबीन की सब्जी बना सकते हैं। सोयाबीन राइस बना सकते हैं। सोयाबीन की मंचूरियन पकोड़े बना सकते हैं। सोयाबीन से तेल निकाल सकते हैं। सोयाबीन का दूध निकाल सकते हैं।

सोयाबीन प्रोटीन का बहुत ही अच्छा स्त्रोत है। इसके अलावा इसमें विटामिन, खनिज, विटामिन, बी कांपलेक्स और विटामिन ए की भी भरपूर मात्रा होती है। यह सभी तत्व शरीर के लिए आवश्यक अमीनो  एसिड का काम करते हैं। इसके अलावा सोयाबीन में कार्बोहाइड्रेट वसा कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस जैसे मिनरल्स भी पाए जाते है।

सोयाबीन में कई प्रकार के पोषक तत्व होते हैं | शाकाहारी भोजन में प्रोटीन का यह सर्वश्रेष्ठ स्रोत है। इसके अलावा यह विटामिन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और कई प्रकार के खनिज से भरपूर होता है। 

इसमें विटामिन के, फोलेट, विटामिन बी सिक्स, थायमिन, विटामिन सी, आयरन, मैंगनीज, फास्फोरस, कॉपर, पोटेशियम, मैग्नीशियम, जिंक, सेलेनियम और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं। 

सोयाबीन शरीर के विकास में हेल्प करता है। यह त्वचा, मांसपेशियां और नाखून के विकास में हेल्प करता है। सोयाबीन खाने से कोलेस्ट्रॉल और ब्लड ग्लूकोज का स्तर कम हो जाता है। 

यह मधुमेह के रोगियों में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करता है। सोयाबीन के रोजाना सेवन से मधुमेह रोग से पीड़ित व्यक्तियों की मुद्रा से संबंधित परेशानियां भी दूर होती है। 

इसमें मौजूद कैल्शियम और प्रोटीन की भरपूर मात्रा हड्डियों को मजबूत बनाती है। इसके सेवन से अर्थराइटिस से भी बच सकते हैं। 

सोयाबीन एकमात्र ऐसी सब्जी है जिसमें सभी आठ आवश्यक अमीनो एसिड होते हैं | सोयाबीन में भरपूर मात्रा में पोटैशियम मौजूद होता है। पोटेशियम से भरपूर भोजन शरीर से अतिरिक्त सोडियम को निकाल देता है। जिससे आपका ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। 

सोयाबीन में मौजूद दिमाग से संबंधित परेशानियां, याददाश्त कमजोर होना, सूखा रोग और फेफड़ों से संबंधित बीमारियों को दूर रखता है।

सोयाबीन के बीज को खाने से त्वचा का रंग साफ होता है | यह शरीर को कई प्रकार के कैंसर से बचाता है। सोयाबीन महिलाओं को प्रोटीन देने के साथ-साथ मासिक धर्म के समय होने वाले कष्ट, जैसे शरीर में सूजन, भारीपन, थकान, कमर दर्द से राहत दिलाता है। 

सोयाबीन दिल से जुड़े रोगों को ठीक करने में मदद करता है। इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर मौजूद होते हैं |  फाइबर आंतों की सफाई करते हैं। पाचन तंत्र को ताकत देते हैं, कब्ज से भी बचाते हैं |  

सोयाबीन में भरपूर मात्रा में आयरन मौजूद होता है, जो आपके शरीर में खून को बढ़ाता है | गठिया को दूर करने के लिए सोयाबीन की रोटी, सोयाबीन दूध बहुत ही फायदेमंद है। 

सोयाबीन के नियमित उपयोग से मैग्नीशियम की कमी नहीं होती और बहुत ही अच्छी नींद आती है।

सोयाबीन के फायदे और नुकसान

  1. सोयाबीन प्रोटीन का बहुत ही अच्छा स्त्रोत है। जिम जाने वाले लोगों के लिए प्रोटीन बहुत ही जरूरी होता है। प्रोटीन मसल्स को मजबूत बनाता है।
  2.  सोयाबीन का सेवन हड्डियों के लिए विशेष लाभकारी होता है। यह हड्डियों को पोषण देता है जिससे हड्डियां कमजोर होने का खतरा कम हो जाता है। 
  3. ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए भी सोयाबीन विशेष उपयोगी है। यह सिस्टोलिक डायस्टोलिक दोनों प्रेशर को कंट्रोल में रखता है जिससे व्यक्ति  हाइपरटेंशन की समस्या से दूर रह सकता है।
  4. सोयाबीन का सेवन मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखता है। मानसिक विकारों से बचने के लिए दिमाग को शांत रखने के लिए सोयाबीन बहुत ही बढ़िया है। 
  5. मधुमेह के मरीजों के लिए सोयाबीन बहुत ही उपयोगी है। इसमें कार्बोहाइड्रेट और वसा की मात्रा बहुत ही कम होती है। इस में पाए जाने वाला प्रोटीन ग्लूकोस को नियंत्रित करता है और इंसुलिन में आने वाली बाधा को कम कर सकता है।
  6. कोलेस्ट्रोल के स्तर को नियंत्रित रखने के लिए सोयाबीन का सेवन कर सकते हैं। इसके सेवन से खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है।
  7. सोयाबीन में भरपूर मात्रा में आयरन होता है।आयरन शरीर में खून की मात्रा को बढ़ाता है। यह हमें एनीमिया और ऑस्टियोपोरोसिस से बचाने का काम करता है। शरीर की कमजोरी को दूर करता है। 
  8. सोयाबीन दिल से जुड़े रोगों को ठीक करने का काम करता है। शरीर में LDL  का स्तर बढ़ने पर और HDL  का स्तर कम होने पर हृदय रोगों का खतरा बढ़ने लगता है। सोयाबीन का सेवन LFL के स्तर को कम करता है और HDL  के स्तर को बढ़ाता है। इससे हमारा दिल स्वस्थ रहता है।हृदय विकारों का खतरा कम हो जाता है।
  9. सोयाबीन में भरपूर मात्रा में फास्फोरस होता है। फास्फोरस दिमाग से संबंधित परेशानियां जैसे कि मिर्गी, याददाश्त कमजोर होना, सुखl रोग और फेफड़ों से संबंधित रोगों को दूर रखने में सहायता करता है l
  10. सोयाबीन शरीर के विकास में सहायता करता है।यह त्वचा, मांसपेशियाँ, नाखून और बालों के विकास में उपयोगी है।
  11. सोयाबीन में लेसीथीन नामक एक घटक पाया जाता है। यह हेल्थ के लिए बहुत ही फ़ायदेमंद होता है।
  12. अगर किसी व्यक्ति को सोयाबीन की एलर्जी है, तो उन्हें सोयाबीन का सेवन नहीं करना चाहिए।
  13. माइग्रेन या हाइपोथाइरॉएडिज्म के मरीजों को सोयाबीन का सेवन नहीं करना चाहिए।
चिकन, मटन से भी ज्यादा प्रोटीन सोयाबीन से मिलता है।

आयुर्वेदा का फेसबुक पेज लाइक करना मत भूलना।

और पढ़े –

Leave A Reply

Your email address will not be published.